मैहर (रामनगर): आधुनिक युग में डिजिटल तकनीक जहां एक तरफ आम जनता के कार्यों को सुगम और पारदर्शी बनाने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार एजेंसियों की थोड़ी सी लापरवाही इसे आम लोगों के लिए जी का जंजाल बना देती है। ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला मध्य प्रदेश के मैहर जिले से सामने आया है। यहाँ जनपद पंचायत रामनगर के अंतर्गत आने वाला पूरा का पूरा ‘करौंदी’ गांव पोर्टल की एक बड़ी तकनीकी चूक के कारण दूसरी ग्राम पंचायत में मैप (दर्ज) हो गया है। इस गंभीर प्रशासनिक और तकनीकी गड़बड़ी के चलते पिछले छह महीनों से गांव के सैकड़ों ग्रामीण अपनी समग्र आईडी (Samagra ID) और राशन-पेंशन जैसी मूलभूत सरकारी सुविधाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

देवरा पंचायत का हिस्सा है करौंदी, पोर्टल पर दिख रहा बड़ा इटमा
इस तकनीकी गड़बड़ी और इसके कारण उत्पन्न हुई अव्यवस्था की मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं:
- गलत लॉगिन आईडी में मैपिंग: प्रशासनिक दस्तावेजों के अनुसार, ग्राम करौंदी मूल रूप से ग्राम पंचायत देवरा का अभिन्न हिस्सा है। लेकिन सामाजिक-आर्थिक एवं जातिगत जनगणना (SECC) पोर्टल की लॉगिन आईडी में यह गांव गलत तरीके से ग्राम पंचायत ‘बड़ा इटमा’ के अंतर्गत मैप दिखाई दे रहा है।
- योजनाओं का लाभ हुआ ठप्प: इस गलत डिजिटल मैपिंग की वजह से ग्रामीणों के नए समग्र आईडी कार्ड नहीं बन पा रहे हैं, जिसके कारण उन्हें शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व संबंधी प्रक्रियाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

भोपाल मुख्यालय की सुस्ती: 4 महीने पहले ‘टिकट’ जनरेट होने के बाद भी नहीं सुधरी गलती
ग्रामीणों की इस परेशानी को देखते हुए स्थानीय जनपद प्रशासन ने अपनी तरफ से प्रयास किए, लेकिन राज्य स्तर पर बैठे अधिकारियों की सुस्ती के कारण मामला जस का तस अटका हुआ है:
- सीईओ रामनगर ने लिखा पत्र: इस तकनीकी त्रुटि को तत्काल ठीक करने के लिए जनपद पंचायत रामनगर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) ने भोपाल स्थित एमपीएसईडीसी (MPSEDC – मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) के प्रबंध संचालक को आधिकारिक पत्र लिखकर समाधान की मांग की थी।
- शिकायत टिकट भी बेअसर: जनपद प्रशासन द्वारा 10 फरवरी 2026 को ही एसईसीसी पोर्टल पर इस समस्या के निराकरण के लिए टिकट क्रमांक 07571770727088 जनरेट किया गया था। इसके बाद 24 फरवरी 2026 को दोबारा पत्र जारी किया गया, लेकिन करीब चार महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी भोपाल मुख्यालय द्वारा पोर्टल के डेटा में कोई सुधार नहीं किया गया है।
भविष्य में खड़े हो सकते हैं गंभीर राजस्व और प्रशासनिक विवाद
जनपद प्रशासन और ग्रामीणों की चिंता —
“स्थानीय जनपद पंचायत प्रशासन और करौंदी गांव के निवासियों का कहना है कि यह तकनीकी लापरवाही सिर्फ समग्र आईडी तक सीमित नहीं है। यदि समय रहते एसईसीसी पोर्टल पर इस त्रुटि को नहीं सुधारा गया, तो भविष्य में यह स्थिति अन्य प्रशासनिक, पंचायत चुनावों और गंभीर राजस्व (Revenue) संबंधी विवादों का कारण बन सकती है। ग्रामीणों ने अब मैहर जिला कलेक्टर से गुहार लगाई है कि वे व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर भोपाल स्तर से इस तकनीकी गड़बड़ी को अविलंब दुरुस्त करवाएं।”







