रीवा (विश्वविद्यालय थाना): विंध्य अंचल के रीवा जिले से एक तरफ जहां रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मासूम के गुनहगार को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने एक 8 साल की मासूम बच्ची को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म (गलत काम) करने वाले शातिर और बेरहम आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने महज तकनीकी साक्ष्यों और बताए गए हुलिए के आधार पर आरोपी को घेराबंदी कर दबोचा है।

पार्क में खेल रही बच्ची को किया था किडनैप
इस पूरे मामले की शुरुआत 3 जून 2026 को हुई थी, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था:
- टॉफी का लालच देकर भगाया: पीड़ित बच्ची की मां ने थाने में रोते हुए शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी 8 वर्षीय मासूम बेटी घर के पास ‘मंगलम पार्क’ में खेल रही थी। इसी दौरान एक अज्ञात बाइक सवार वहां पहुंचा और बच्ची को टॉफी दिलाने का लालच देकर अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर तेजी से फरार हो गया।
- 2 घंटे में हुआ रेस्क्यू: मामला मासूम बच्ची के अपहरण से जुड़ा था, इसलिए रीवा पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. गुरकरण सिंह ने बिना एक पल गंवाए पूरे शहर में तगड़ी नाकाबंदी के आदेश दिए। पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित घेराबंदी का ही नतीजा था कि अगवा होने के मात्र 2 घंटे के भीतर बच्ची को सही-सलामत ढूंढकर उसके रोते-बिलखते परिवार को सौंप दिया गया।
काउंसिलिंग में खुला खौफनाक सच; बढ़ा दी गईं POCSO की धाराएं
शुरुआत में यह मामला केवल अपहरण का लग रहा था, लेकिन जब बच्ची सुरक्षित वापस आई तो कहानी में एक बेहद खौफनाक मोड़ आया:
- CWC के सामने बयान: जब नियमानुसार ‘महिला बाल कल्याण समिति’ (CWC) के समक्ष बच्ची की काउंसिलिंग कराई गई और कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान दर्ज हुए, तब मासूम ने अपने साथ हुई दरिंदगी की दास्तां बयां की।
- केस में हुआ इजाफा: मासूम की जुबानी सच सामने आते ही विश्वविद्यालय पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व से दर्ज मुकदमे में दुष्कर्म (Rape) और कड़े पोक्सो (POCSO) एक्ट की धाराएं बढ़ा दीं और आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कीं।
लुक (जवा) का रहने वाला है आरोपी; ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे
घटना के दिन (3 जून) से ही पुलिस की टीमें वैज्ञानिक और साइबर सेल की मदद से अज्ञात आरोपी का सुराग जुटा रही थीं:
गिरफ्तारी और शिनाख्त —
लगातार 9 दिनों तक पीछा करने और संदिग्धों की छंटनी के बाद, 12 जून 2026 को पुलिस ने एक संदेही को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ और वैज्ञानिक साक्ष्यों के सामने आते ही आरोपी टूट गया। उसने अपना नाम सर्वेश निखिल द्विवेदी (उम्र 26 वर्ष, निवासी- ग्राम लुक, थाना जवा, जिला रीवा) बताया और अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को भी बरामद कर जब्त कर लिया है।
इस पूरे संवेदनशील और बड़े ऑपरेशन को एडिशनल एसपी (City) आरती सिंह और सीएसपी राजीव पाठक के कुशल मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय थाना प्रभारी और उनकी टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। आरोपी सर्वेश द्विवेदी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजने की तैयारी की जा रही है, वहीं आम जनता ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और 2 घंटे में बच्ची को ढूंढ निकालने के जज्बे की जमकर सराहना की है।







