भोपाल/दिल्ली | सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने मंत्री के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति (Prosecution Sanction) देने में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए दो टूक कहा कि— “बस बहुत हुआ (Enough is Enough), अब हमारे आदेश का पालन कीजिए।”

मुख्य बिंदु
- CJI की तल्ख टिप्पणी: कोर्ट ने कहा कि मंत्री को इस तरह के विवादित कमेंट्स करने की आदत सी हो गई है। एक वरिष्ठ राजनेता को महिला अधिकारी का सम्मान करना आना चाहिए।
- बचाव की दलीलें खारिज: सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि मंत्री के बयान का गलत अर्थ निकाला गया, जिसे चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सिरे से खारिज कर दिया।
- SIT की रिपोर्ट: विशेष जांच दल (SIT) अपनी जांच पूरी कर चुका है, लेकिन पिछले दो हफ्तों से राज्य सरकार की ओर से अभियोजन की मंजूरी अटकी हुई है।
- हाई कोर्ट का पूर्व आदेश: एमपी हाई कोर्ट के आदेश के बाद ही पुलिस ने इस मामले में मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
क्या है पूरा विवाद? (समझें कर्नल सोफिया मामला)
यह विवाद पिछले साल सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद शुरू हुआ था।
- विवादित बयान: इस सैन्य कार्रवाई की मीडिया ब्रीफिंग सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी ने की थी। इसके बाद महू के पास रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया के धर्म को निशाना बनाते हुए विवादित बयान दिया था।
- मंत्री के बोल: उन्होंने कहा था— “जिन्होंने हमारी बेटियों को विधवा किया, हमने उन्हें सबक सिखाने के लिए उनकी ही एक बहन को भेजा।” इस बयान की देश भर में तीखी आलोचना हुई थी और इसे सेना की अधिकारी का अपमान माना गया था।
SIT की रिपोर्ट पर सरकार की चुप्पी पर सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस बात पर गहरी नाराजगी जताई कि जब एसआईटी (SIT) अपनी तफ्तीश पूरी कर चुकी है, तो राज्य सरकार अभियोजन की मंजूरी देने में देरी क्यों कर रही है? कोर्ट ने चेतावनी दी कि कानून के शासन में किसी भी रसूखदार को बचाने के लिए प्रक्रियाओं को लटकाया नहीं जा सकता।
कानूनी शिकंजा कसा
मंत्री विजय शाह के खिलाफ वर्तमान में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज है। सुप्रीम कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद अब राज्य सरकार के पास जल्द से जल्द अभियोजन की मंजूरी देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है, जिसके बाद कोर्ट में ट्रायल की प्रक्रिया तेज होगी।
खबर का सारांश
- आरोपी: कुंवर विजय शाह (कैबिनेट मंत्री, मध्य प्रदेश)।
- शिकायतकर्ता: कर्नल सोफिया कुरैशी (सेना अधिकारी)।
- अदालत: सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया (चीफ जस्टिस सूर्यकांत की पीठ)।
- वर्तमान स्थिति: अभियोजन की मंजूरी पर सरकार को कोर्ट का सख्त अल्टीमेटम।







