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कहावत का ‘चना झाड़’ उज्जैन में बना रहस्य! 500 साल पुराने पेड़ का दावा, डालियों पर उगते हैं चने, देखने उमड़ रही भीड़

कहावत का ‘चना झाड़’ उज्जैन में बना रहस्य! 500 साल पुराने पेड़ का दावा, डालियों पर उगते हैं चने, देखने उमड़ रही भीड़

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The Khabrilal

Published On: Nov 5, 2026, 9:51 AM IST

Updated On: Nov 5, 2026, 9:51 AM IST

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उज्जैन। आपने अक्सर लोगों को यह कहते सुना होगा कि किसी को जरूरत से ज्यादा तारीफ करके ‘चना के झाड़ पर मत चढ़ाओ’। लेकिन मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के भाटपचलाना गांव में यह कहावत अब हकीकत जैसी दिखाई दे रही है। यहां चने का एक ऐसा विशाल पेड़ मौजूद है, जिसे देखकर लोग हैरान हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह पेड़ 25 से 40 फीट तक ऊंचा है और इसकी डालियों पर चने की फलियां लगती हैं। आमतौर पर चने का पौधा कुछ ही महीनों में फसल देने के बाद सूख जाता है, लेकिन यहां मौजूद इस असामान्य पेड़ की बनावट और आकार लोगों के लिए कौतूहल बना हुआ है। इसे देखने, तस्वीरें खिंचवाने और सोशल मीडिया पर रील बनाने के लिए दूर-दराज से लोग पहुंच रहे हैं।

उज्जैन के भाटपचलाना गांव में मौजूद विशाल चने का पेड़
उज्जैन के भाटपचलाना गांव में स्थित अनोखा चने का पेड़, जिसे देखने दूर-दूर से पहुंच रहे लोग।

 

चने के पेड़ से जुड़ी 500 साल पुरानी कहानी, पीढ़ियों से देख रहे ग्रामीण

स्थानीय निवासी शाहरुख के मुताबिक, यह पेड़ उनकी जानकारी में कोई नया नहीं है। उनके परिवार की करीब 8 से 10 पीढ़ियां इस पेड़ को देखती आ रही हैं। हालांकि, इसे किसने लगाया और इसकी शुरुआत कब हुई, इसकी सटीक जानकारी किसी के पास नहीं है। ग्रामीण इसे लगभग 500 साल पुराना बताते हैं, लेकिन इसकी वास्तविक उम्र की पुष्टि करने वाला कोई ऐतिहासिक या वैज्ञानिक प्रमाण फिलहाल सामने नहीं आया है। पेड़ के नीचे बने चबूतरे और दरगाह के कारण यह स्थान धार्मिक आस्था का केंद्र भी बना हुआ है।

चने खाने से संतान प्राप्ति की मान्यता, दूर-दूर से पहुंच रहे दंपती

इस पेड़ की चर्चा सिर्फ इसकी अनोखी बनावट तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़ी एक धार्मिक मान्यता भी लोगों को यहां खींच रही है। मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से लोग यहां पहुंचते हैं। स्थानीय मान्यता है कि इस पेड़ के चने खाने और पीर बाबा की दरगाह पर मन्नत मांगने से निःसंतान दंपतियों को संतान सुख की प्राप्ति होती है। दरगाह की सेवा करने वाले शाहरुख बताते हैं कि दूर-दूर से दंपती यहां मन्नत मांगने आते हैं। हालांकि, यह धार्मिक आस्था और स्थानीय विश्वास का विषय है, इसका कोई चिकित्सकीय प्रमाण नहीं है।

आखिर चने का पौधा इतना विशाल कैसे? कौतूहल के पीछे वैज्ञानिक वजह की तलाश

सामान्य तौर पर चने का पौधा लगभग 30 से 60 सेंटीमीटर ऊंचा होता है। अनुकूल परिस्थितियों और कुछ किस्मों में इसकी ऊंचाई इससे अधिक भी हो सकती है। फसल तैयार होने के बाद पौधा सूख जाता है। ऐसे में भाटपचलाना में मौजूद 25 से 40 फीट ऊंचे बताए जा रहे इस पेड़ की वास्तविक वनस्पति पहचान और संरचना अपने आप में जांच का विषय है। क्या यह वास्तव में चने का ही पेड़ है या इसकी कोई अलग वनस्पति पहचान है? फिलहाल स्थानीय दावों और लोगों की आस्था के बीच यह पेड़ चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

संपादकीय नजरिया: आस्था, दावा और रहस्य के बीच खड़ा अनोखा पेड़

उज्जैन के भाटपचलाना गांव में मौजूद चने का यह विशाल पेड़ अपनी असामान्य बनावट के कारण लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय लोग इसे करीब 500 साल पुराना बताते हैं और इससे संतान प्राप्ति की मान्यता भी जुड़ी हुई है। हालांकि, पेड़ की वास्तविक उम्र, वनस्पति पहचान और धार्मिक मान्यताओं की वैज्ञानिक पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे में जरूरी है कि आस्था को सम्मान देते हुए दावों को तथ्य के रूप में पेश न किया जाए। TheKhabriLal.in का उद्देश्य केवल कौतूहल पैदा करना नहीं, बल्कि दावों के पीछे की सच्चाई को सामने लाना भी है।

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