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सतना में दर्दनाक हादसा: नागौद के छींदा गांव में पुराना मकान तोड़ते समय भरभराकर गिरी दीवार; मलबे में दबने से महिला मजदूर की मौत

सतना में दर्दनाक हादसा: नागौद के छींदा गांव में पुराना मकान तोड़ते समय भरभराकर गिरी दीवार; मलबे में दबने से महिला मजदूर की मौत

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The Khabrilal

Published On: Jun 7, 2026, 8:09 PM IST

Updated On: Jun 7, 2026, 8:09 PM IST

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सतना/नागौद: सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। क्षेत्र के छींदा गांव में शनिवार शाम एक पुराने मकान को जमींदोज करने (गिराने) के दौरान अचानक एक भारी-भरकम दीवार भरभराकर ढह गई। इस हादसे में वहां काम कर रही एक 35 वर्षीय महिला श्रमिक दीवार के मलबे के नीचे बुरी तरह दब गईं। मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों ने भारी मशक्कत के बाद उन्हें मलबे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांसें थम गईं।

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शाम के वक्त अचानक काल बनकर गिरी दीवार

  • कमलेश्वर सिंह के मकान में चल रहा था काम: पुलिस से प्राप्त प्राथमिक जानकारी के अनुसार, छींदा गांव की रहने वाली 35 वर्षीय महिला मजदूर विद्या प्रजापति शनिवार को अपने ही गांव के कमलेश्वर सिंह के एक पुराने मकान को तोड़ने के काम में अन्य साथी श्रमिकों के साथ लगी हुई थीं।
  • शाम 6 बजे हुआ हादसा: दिनभर काम करने के बाद शाम करीब 6 बजे, जब काम समेटने का वक्त था, तभी अचानक जर्जर हो चुकी एक दीवार ताश के पत्तों की तरह ढह गई। विद्या प्रजापति को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वह सीधे मलबे की चपेट में आ गईं।

अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम, सुरक्षा उपायों पर उठे सवाल

दीवार गिरते ही साइट पर चीख-पुकार मच गई। आसपास काम कर रहे अन्य श्रमिकों और ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए मलबे को हटाना शुरू किया और विद्या को बाहर निकालकर तत्काल नजदीकी शासकीय अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल के डॉक्टरों ने गहन परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, मलबे के भारी वजन और अंदरूनी गंभीर चोटों के कारण अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी पड़ रही भारी

ग्रामीण अंचलों में निर्माण और ध्वस्तीकरण (पुराने मकानों को गिराने) के कार्यों के दौरान अक्सर सुरक्षा उपायों (Safety Measures) और तकनीकी गाइडलाइंस की घोर अनदेखी की जाती है। बिना किसी सुरक्षा हेलमेट, जैकेट या सपोर्टिव मलबे की बैरिकेडिंग के मजदूरों को जोखिम भरे काम में झोंक दिया जाता है। छींदा गांव का यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर प्रशासन और ठेकेदारों को निर्माण कार्यों के दौरान गरीब श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सख्त चेतावनी देता है।

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

घटना की सूचना मिलते ही नागौद थाना पुलिस की टीम अस्पताल और मौका-मुआयना करने छींदा गांव पहुंची। पुलिस ने मृतका के शव को पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मर्ग कायम कर पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या मकान गिराने के दौरान सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए थे या नहीं।

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