रीवा/विंध्य : रीवा में हाल ही में संपन्न हुए पंचायत उपचुनाव के बाद भड़का राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। 29 सितंबर को मतदान समाप्त होने के बावजूद रीवा से भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा के पुत्र और उपचुनाव में प्रत्याशी रहे अंकुर मिश्रा कार्रवाई की मांग को लेकर गांधी जयंती (2 अक्टूबर) की शाम से रीवा कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने कलेक्ट्रेट में तुलसी दल ग्रहण कर मौन व्रत धारण किया और सांकेतिक भूख हड़ताल शुरू कर दी। धरना स्थल पर समर्थकों द्वारा ‘रघुपति राघव राजा राम’ का संकीर्तन किया गया।

प्रस्तावक के अपहरण का आरोप, कार्रवाई न होने पर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा
अंकुर मिश्रा का गंभीर आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान उनके प्रस्तावक का अपहरण कर पंचायत उपचुनाव के नतीजों को प्रभावित करने का प्रयास किया गया था। मतदान संपन्न होने के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर उनकी लिखित शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी उपेक्षा से नाराज होकर उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर को अपना विरोध स्थल बनाया और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
“दुर्भाग्य है कि सांसद का बेटा हूं, पिता से 15 दिनों से नहीं हुई बात”
धरने के दौरान अंकुर मिश्रा ने अपने पिता व सांसद जनार्दन मिश्रा की भूमिका पर भी दर्द बयां किया। उन्होंने कहा, “यह मेरा दुर्भाग्य है कि मैं सांसद का बेटा हूं। अगर मेरे पिता एक फोन कर दें तो शायद मामले का समाधान तुरंत हो सकता है, लेकिन वे ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं यह मैं नहीं जानता।” अंकुर ने खुलासा किया कि पिछले 15 दिनों से अधिक समय से उनकी अपने पिता से कोई बातचीत नहीं हुई है। उधर, प्रशासनिक रुख पर एसडीएम जितेंद्र तिवारी ने बताया कि प्रकरण में निष्पक्ष जांच की जा रही है और नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।










