सतना, मध्य प्रदेश: सतना केंद्रीय कारागार (Central Jail Satna) में पिछले 24 घंटे के भीतर भ्रष्टाचार और सुरक्षा में सेंधमारी का दूसरा बड़ा मामला सामने आने से पूरे प्रदेश के जेलमहकमे में भूचाल आ गया है। शुक्रवार को गांजा, शराब और कैश की डील का ऑडियो वायरल होने के बाद, शनिवार तड़के जेल के मुख्य द्वार पर ड्यूटी पर जा रहे एक और प्रहरी को जेल के अंदर प्रतिबंधित सामग्री की तस्करी करते हुए रंगे हाथों दबोच लिया गया। जेल अधीक्षक (Jail Superintendent) लीना कोस्टा ने बिना वक्त गंवाए आरोपी प्रहरी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

शनिवार सुबह 4 बजे नियमित चेकिंग में खुली पोल
जेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जेल के भीतर अवैध सामान की एंट्री रोकने के लिए चलाए जा रहे कड़े चेकिंग अभियान के दौरान यह सफलता मिली है:
- तड़के की कार्रवाई: शनिवार सुबह करीब 4 बजे जेल परिसर में शिफ्ट बदलने के दौरान प्रहरी बनवारीलाल जाटव अपनी ड्यूटी पर जा रहा था।
- तलाशी में निकला जखीरा: मुख्य द्वार (जेल गेट) पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने जब नियमों के तहत बनवारीलाल की सघन तलाशी (नियमित चेकिंग) ली, तो उसके पास से 4 बड़े पैकेट तंबाकू की पुड़िया बरामद हुईं। आरोपी इन पुड़ियों को वर्दी के भीतर छिपाकर कैदियों तक पहुंचाने के लिए जेल के अंदर ले जाने का प्रयास कर रहा था। जेल नियमों के तहत तंबाकू, बीड़ी और सिगरेट पूरी तरह प्रतिबंधित श्रेणी में आते हैं।
आदतन अपराधी निकला प्रहरी; पहले भी पकड़ा जा चुका है ‘ब्लैक’ करते
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला और गंभीर खुलासा यह हुआ है कि आरोपी प्रहरी बनवारीलाल जाटव इस तरह की काली कमाई और तस्करी का पुराना खिलाड़ी है:
- पहले भी आ चुका है जद में: आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, यह प्रहरी पूर्व में भी जेल के भीतर कैदियों को प्रतिबंधित सामग्री सप्लाई करते हुए रंगे हाथों पकड़ा जा चुका है।
- सिस्टम पर सवाल: पहले पकड़े जाने के बावजूद उसे इतनी संवेदनशील ड्यूटी पर दोबारा तैनात रखना और उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई न होना, जेल के भीतर के ढर्रे और पुराने नेटवर्क की मिलीभगत की ओर साफ इशारा करता है।
24 घंटे में दो बड़े कांड: शुक्रवार को सस्पेंड हुआ था प्रमुख मुख्य प्रहरी राजेंद्र चौधरी
सतना सेंट्रल जेल इस समय विंध्य अंचल में चर्चा का केंद्र बनी हुई है, क्योंकि ठीक एक दिन पहले ही जेल की साख पर बट्टा लगाने वाला बड़ा ऑडियो लीक हुआ था:
- गांजा, शराब और ₹5000 की डील: गुरुवार देर शाम सोशल मीडिया पर एक ऑडियो और स्क्रीन रिकॉर्डिंग वायरल हुई थी, जिसमें जेल में पदस्थ प्रमुख मुख्य प्रहरी राजेन्द्र चौधरी और एक बाहरी युवक के बीच जेल के अंदर 25 ग्राम गांजा, विदेशी शराब की बोतल और ₹5,000 नकद पहुंचाने की सौदेबाजी चल रही थी।
- कलेक्टर-जेल मुख्यालय अलर्ट: इस मामले में जेल अधीक्षक लीना कोस्टा ने शुक्रवार को ही राजेंद्र चौधरी को सस्पेंड किया था और अभी उसकी जांच चल ही रही थी कि शनिवार सुबह बनवारीलाल का यह नया तंबाकू कांड सामने आ गया।
सतना अलर्ट: इन 4 तीखे सवालों के घेरे में जेल प्रशासन
बैक-टू-बैक हुई इन दो बड़ी घटनाओं ने सेंट्रल जेल की त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है:
- सुरक्षा भगवान भरोसे: जब जेल की सुरक्षा संभालने वाले प्रहरी खुद ही गांजा, शराब और तंबाकू के तस्कर बन चुके हैं, तो बैरकों में बंद खूंखार बंदियों की निगरानी कितनी मजबूत होगी?
- पुराना रिकॉर्ड फिर भी मेहरबानी: तंबाकू के साथ पकड़े गए प्रहरी बनवारीलाल जाटव पर जब पहले भी ऐसे आरोप लगे थे, तो उसे नौकरी से बर्खास्त क्यों नहीं किया गया या लूप लाइन में क्यों नहीं डाला गया?
- क्या कोई बड़ा सिंडिकेट सक्रिय है: क्या जेल के भीतर प्रतिबंधित सामग्रियां पहुंचाने के पीछे प्रहरियों और रसूखदार कैदियों का कोई बड़ा संगठित नेटवर्क (सिंडिकेट) काम कर रहा है?
- जेल के भीतर मोबाइल कैसे: गांजा-शराब डील के ऑडियो से साफ है कि जेल के भीतर मोबाइल और नेटवर्क का खेल धड़ल्ले से चल रहा है, जिसे रोकने में जैमर और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह फेल साबित हो रही हैं।







