सतना: बीते दिनों सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली/अपमिश्रित शराब से हुई मौतों के बाद एक्शन में आए आबकारी विभाग ने सतना जिले में एक बड़े अवैध शराब रैकेट का भंडाफोड़ किया है। विभाग की टीम ने डिकॉय (छद्म) ऑपरेशन के जरिए महंगी व ब्रांडेड विदेशी शराब की खाली बोतलों में संदिग्ध और अपमिश्रित तरल भरकर बेचने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में डिलीवरी एजेंट सुनील कुशवाहा और मामले का कथित मास्टरमाइंड जितेंद्र कुमार शाह उर्फ रवि (निवासी घूरडांग) शामिल हैं।

डिकॉय ऑपरेशन से बिछाया जाल, सेमरिया चौक पर पकड़ाया एजेंट
आबकारी विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शहर में ऑर्डर पर महंगी शराब की बोतलों में मिलावटी तरल सप्लाई किया जा रहा है:
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नकली ग्राहक बनकर बुलाया: 14 सितंबर की रात आबकारी टीम ने फर्जी ग्राहक बनकर डिलीवरी एजेंट को शहर के सेमरिया चौक स्थित हैदराबादी बिरयानी सेंटर के पास बुलाया।
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मौके पर दबोचा: जैसे ही एजेंट सुनील कुशवाहा ‘मंकी शोल्डर’ (Monkey Shoulder) ब्रांड की बोतल डिलीवरी करने पहुंचा, सादे कपड़ों में मुस्तैद आबकारी उप निरीक्षक संजय साकेत ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
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मास्टरमाइंड के घर दबिश: एजेंट की पूछताछ के आधार पर देर रात घूरडांग में दबिश देकर मुख्य आरोपी जितेंद्र शाह उर्फ रवि को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
फोन से ऑर्डर, संदिग्ध तरल में मिले तैलीय कण
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मॉडस ऑपरेंडी: आरोपी फोन पर ऑर्डर लेकर एक बार में केवल 3-4 बोतलें ही सप्लाई करते थे ताकि बड़ी खेप के साथ पकड़े जाने का खतरा न रहे।
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FSL जांच: जब्त बोतल के अंदर मौजूद तरल की शुरुआती जांच में सूक्ष्म कण और तैलीय तत्व पाए गए हैं। सैंपल को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) जांच के लिए भेज दिया गया है।
कार्रवाई व कानूनी स्थिति
| विवरण | जानकारी |
| दर्ज अपराध क्रमांक | 374/26 (आबकारी विभाग सतना) |
| लागू धाराएं | एमपी आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क) एवं 49(क) |
| गिरफ्तार आरोपी |
1. सुनील कुशवाहा (डिलीवरी एजेंट)
2. जितेंद्र कुमार शाह उर्फ रवि (मास्टरमाइंड)
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| न्यायिक स्थिति | दोनों आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजे गए |
| मार्गदर्शन व नेतृत्व | कलेक्टर सतीश कुमार एस, उपायुक्त माधव सिंह भेड़िया, सहायक आबकारी आयुक्त सुरेंद्र कुमार उरांव |
नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
जिला आबकारी अधिकारी सुरेंद्र कुमार उरांव ने बताया कि एफएसएल (FSL) रिपोर्ट आने के बाद ही तरल के घटकों का सटीक पता चलेगा। फिलहाल पुलिस आरोपियों के मोबाइल डेटा के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि यह नकली शराब कहां तैयार की जाती थी और अब तक किन-किन ग्राहकों को इसकी सप्लाई की जा चुकी है।










