मैहर क्षेत्र के गोरसरी गांव में जंगली हाथी की आमद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया है। गांव स्थित तालाब के किनारे खेतों में हाथी को धान की फसल चरते हुए देखा गया है। हाथी की लगातार गतिविधि गांव के आसपास बनी हुई है, जिससे उसके रिहायशी मकानों और बस्ती की तरफ बढ़ने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मुस्तैद हो गई है और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी व चेतावनी जारी की गई है।
ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा निर्देश
वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने गोरसरी तथा आसपास के ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील की है:
-
हाथी के करीब न जाएं: उत्सुकता या कौतूहल में हाथी के बेहद करीब जाने से बचें और मौके पर भीड़ न लगाएं।
-
छेड़ने की गलती न करें: हाथी को भगाने, पत्थर मारने, पटाखा फोड़ने या उकसाने/छेड़ने की कोशिश बिल्कुल न करें। उग्र होने पर हाथी हिंसक हो सकता है।
-
बच्चों व बुजुर्गों की सुरक्षा: बच्चों और बुजुर्गों को घरों के अंदर सुरक्षित रखें। विशेषकर रात के समय या अलसुबह घर से बाहर निकलते समय सतर्क रहें।
-
सुरक्षित दूरी बनाएं: अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए हाथी से उचित दूरी बनाए रखें तथा वन विभाग के गश्ती दल के निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।
घटनाक्रम का संक्षिप्त विवरण
| विवरण | जानकारी |
| घटनास्थल | गोरसरी गांव (तालाब के पास खेत) |
| मौजूदा स्थिति | धान की फसल को नुकसान, गांव के आसपास गतिविधि |
| मुख्य खतरा | आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख करने की आशंका |
| प्रशासनिक सलाह | सतर्क रहें, भीड़ न लगाएं, वन विभाग को सूचित करें |
वन विभाग की टीम निगरानी में जुटी
वन विभाग का अमला हाथी की आवाजाही और गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों से अनुरोध किया गया है कि यदि हाथी आबादी वाले क्षेत्र की ओर बढ़ता दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना वन अधिकारियों को दें और स्वयं सुरक्षा के उपाय अपनाएं।










