सतना : सतना शहर में पेयजल सप्लाई व्यवस्था में घोर लापरवाही और निर्माण कार्यों में देरी बरतने पर नगर निगम प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। नगर निगम आयुक्त डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने शहर में अशुद्ध व बदबूदार पानी की आपूर्ति करने और अमृत परियोजना का काम अधर में छोड़ने वाली दो ठेकेदार फर्मों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। निगम ने 30 करोड़ के अमृत प्रोजेक्ट का काम अधूरा छोड़ने वाली ‘जियो मिलर एंड कंपनी’ का अनुबंध निरस्त कर उसे ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेज दिया है। इसके साथ ही अशुद्ध जलापूर्ति के लिए जिम्मेदार ‘कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी’ का भी ठेका समाप्त कर दिया गया है।

गंदे पानी की लगातार शिकायतों पर ‘कृष्णा कंस्ट्रक्शन’ का ठेका खत्म, निगम खुद संभालेगा फिल्टर प्लांट
शहर के 18 MLD और 40 MLD वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) के संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाली कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ लगातार गंदे और बदबूदार पानी की शिकायतें मिल रही थीं। निगम की जांच में सामने आया कि कंपनी के पास पर्याप्त अनुभवी स्टाफ और आवश्यक रसायनों (केमिकल्स) का अभाव था। बार-बार चेतावनी के बावजूद पानी की गुणवत्ता में सुधार न होने पर निगम कमिश्नर ने कंपनी का अनुबंध तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया। अब शहर के फिल्टर प्लांट के संचालन की कमान नगर निगम स्वयं संभालेगा।
30 करोड़ का प्रोजेक्ट 18 महीने बाद भी अधूरा; सड़कें खोदी, टंकियां और टेस्टिंग अटकी
अमृत योजना के तहत जियो मिलर एंड कंपनी को शहर में पाइपलाइन बिछाने और 4 नई पानी की टंकियों के निर्माण का कार्य दिया गया था, जिसे 21 दिसंबर 2023 तक पूरा होना था। समय सीमा बढ़ाकर मार्च 2024 की गई, लेकिन 18 महीने बीत जाने के बाद भी काम अधूरा रहा। निगम की जांच में सामने आया कि कंपनी ने पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों का री-स्टोरेशन नहीं किया, मोटर-पंप शुरू नहीं किए और बिना सक्षम स्वीकृति के काम दूसरी एजेंसी को सौंप दिया। नोटिस का जवाब न देने पर निगम ने अनुबंध निरस्त कर कठोर कार्रवाई की है।










