रीवा/विंध्य : रीवा स्थित उप-खंड अधिकारी (SDM) न्यायालय परिसर में उस समय अजीबोगरीब स्थिति निर्मित हो गई, जब एक अधिवक्ता विरोध स्वरूप केवल अंतःवस्त्रों में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने लगे। पीड़ित अधिवक्ता संतोष पांडेय का आरोप है कि राजस्व प्रकरण की तमाम प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बावजूद फाइल पर महज एक हस्ताक्षर (साइन) के लिए पिछले तीन महीने से उन्हें लगातार टरकाया जा रहा है और कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा।

क्लाइंट नागपुर से आने को मजबूर, 2 महीने से अटका है पट्टे का मामला
अधिवक्ता संतोष पांडेय ने बताया कि एसडीएम कोर्ट में पट्टे से संबंधित एक प्रकरण के सभी आवश्यक दस्तावेज और कानूनी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। उनके क्लाइंट को हर तारीख पर नागपुर से रीवा आना पड़ता है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक व मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ता का कहना है कि जब भी वे फाइल की स्थिति जानने जाते हैं, तो न तो कोई तारीख दी जाती है और न ही फाइल पर साइन न करने का कारण बताया जाता है। इससे तंग आकर उन्होंने हाथ में कपड़े व जूते लेकर कार्यालय के गलियारों में प्रदर्शन किया।
राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल; अधिकारियों का पक्ष आना बाकी
इस सनसनीखेज घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजस्व अदालतों में लंबित मामलों और प्रशासनिक सुस्ती को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि समय पर फाइलों का निपटारा न होने से वे अपने पक्षकारों को जवाब देने में असमर्थ हो जाते हैं। हालांकि, इस पूरे मामले पर संबंधित एसडीएम या प्रशासनिक अधिकारियों का आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है।










