रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गुढ़ तहसील अंतर्गत ग्राम बेला से एक बड़ी खबर सामने आई है। अपनी कृषि भूमि से गुजर रही हाईटेंशन टावर लाइन और उचित मुआवजे की मांग को लेकर लगातार 88 घंटे से पानी से भरे गड्ढे में बैठकर ‘जल अनशन’ कर रहे युवक देशराज मिश्रा से मिलने देर रात करीब 11:30 बजे रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे। कलेक्टर के प्रशासनिक आश्वासन के बाद युवक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।

मुआवजा विवाद, तबीयत बिगड़ी और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष का फोन
मामले एवं देर रात हुए घटनाक्रम से जुड़ी प्रमुख बातें इस प्रकार हैं:
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आधी रात पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी: मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, एसडीएम सुधाकर सिंह, तहसीलदार अरुण यादव और थाना प्रभारी पुष्पेंद्र यादव के साथ देर रात धरना स्थल पहुंचे।
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मुआवजे व सीमांकन का मुद्दा: देशराज मिश्रा का आरोप है कि उनकी निजी कृषि भूमि से बिना पर्याप्त नोटिस और सहमति के हाईटेंशन लाइन का टावर लगाया जा रहा है, लेकिन उचित मुआवजा नहीं दिया गया। कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि सीमांकन और मुआवजे से जुड़ी मांगों का नियमानुसार परीक्षण कर शीघ्र समाधान किया जाएगा।
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88 घंटे पानी में रहने से तबीयत बिगड़ी: अनवरत 88 घंटे तक पानी में बैठे रहने के कारण देशराज की शारीरिक स्थिति बिगड़ गई। धरना समाप्त होते ही प्रशासन ने उन्हें एंबुलेंस से प्राथमिक इलाज और मेडिकल चेकअप के लिए संजय गांधी अस्पताल भेजा।
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जीतू पटवारी ने की बात: स्वतंत्रता दिवस पर पानी के गड्ढे में बैठे युवक का वीडियो वायरल होने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने फोन पर देशराज से चर्चा कर हाल-चाल जाना था। वहीं पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना भी धरना स्थल पहुंचे थे।
https://x.com/jitupatwari/status/2088645272243261735?s=20
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मामले का संक्षिप्त विवरण
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स्थान: ग्राम बेला, तहसील गुढ़, जिला रीवा (मध्य प्रदेश)।
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प्रदर्शनकारी: देशराज मिश्रा (निजी भूमि व हाईटेंशन लाइन मुआवजा विवाद)।
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प्रदर्शन का स्वरूप: 88 घंटे तक पानी से भरे गड्ढे में बैठकर जल अनशन।
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प्रशासनिक मध्यस्थता: रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी द्वारा देर रात आश्वासन देकर अनशन समाप्त कराया गया।








