मैहर | मैहर जिले के रामनगर क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर बुधवार को लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। सुबह से बिजली आपूर्ति ठप रहने के कारण हजारों उपभोक्ता गर्मी और उमस के बीच परेशान रहे। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद बिजली विभाग घंटों तक फॉल्ट तलाशने में असफल रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित हुआ।
लगातार बिगड़ती बिजली व्यवस्था से नाराज उपभोक्ताओं के साथ भाजपा जिला उपाध्यक्ष आशुतोष गुप्ता ‘सूरज’ रामनगर पावर हाउस पहुंचे। यहां उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से जवाब मांगा तथा अघोषित बिजली कटौती और लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय उपभोक्ता भी मौजूद रहे और नियमित बिजली आपूर्ति की मांग उठाई।
आंदोलन और घेराव के दौरान बिजली विभाग तत्काल सक्रिय हुआ। जिस फॉल्ट का कई घंटों से पता नहीं चल पा रहा था, उसे कुछ ही देर में खोज लिया गया और बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। बिजली आने के बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली, लेकिन साथ ही विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
भाजपा जिला उपाध्यक्ष आशुतोष गुप्ता ‘सूरज’ ने कहा कि पिछले दो महीनों से रामनगर क्षेत्र में लगातार अघोषित बिजली कटौती हो रही है। कई बार शिकायत और मांग के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। उनका कहना था कि यदि विभाग समय पर फॉल्ट दूर करे और जवाबदेही तय हो, तो उपभोक्ताओं को घंटों बिजली संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में बिजली व्यवस्था और भी अधिक प्रभावित हो जाती है। बार-बार बिजली गुल होने से पेयजल व्यवस्था, व्यापार, छात्रों की पढ़ाई और किसानों के कार्य प्रभावित होते हैं। लोगों ने मांग की कि रामनगर क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को स्थायी रूप से दुरुस्त किया जाए और अघोषित कटौती पर रोक लगाई जाए।
फिलहाल विभाग द्वारा बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है, लेकिन क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि भविष्य में भी यही स्थिति बनी रही तो वे फिर से आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
प्रमुख बिंदु
– सुबह से ठप रही रामनगर की बिजली आपूर्ति।
– घंटों तक फॉल्ट तलाशने में जुटा रहा बिजली विभाग।
– भाजपा जिला उपाध्यक्ष आशुतोष गुप्ता ‘सूरज’ उपभोक्ताओं के साथ पहुंचे पावर हाउस।
– घेराव और विरोध के बाद विभाग ने फॉल्ट खोजकर बहाल की बिजली।
– अघोषित बिजली कटौती और विभागीय लापरवाही पर उठे सवाल।
– उपभोक्ताओं ने स्थायी समाधान और जवाबदेही की मांग की।


