भोपाल/रीवा संभाग: मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ और जन-सुलभ बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई है। प्रदेश में करीब 21 साल के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर सरकारी बसों का संचालन शुरू हो गया है। राजधानी भोपाल से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संयुक्त रूप से ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के तहत आकर्षण का केंद्र बनीं भगवा रंग की 351 आधुनिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह बसें शहरों के भीतर (इंट्रासिटी) और अंतर-शहरी (इंटर-सिटी) मार्गों पर दौड़ेंगी।

2000 के दशक में बंद हुई थी व्यवस्था, अब 15,000 बसों का लक्ष्य
वर्ष 2000 के दशक की शुरुआत में मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (MPSRTC) के बंद होने के बाद से आम जनता पूरी तरह निजी बस ऑपरेटरों की मनमानी पर निर्भर थी। राज्य सरकार ने ‘दीनदयाल अंत्योदय’ दर्शन से प्रेरित होकर इस सेवा को पुनर्जीवित किया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पहले चरण में प्रदेश में 1,500 बसें उतारी जाएंगी, जबकि वर्ष 2031 तक पूरे प्रदेश में 15,000 अत्याधुनिक सरकारी बसें चलाने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) भोपाल के बीच एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर भी किए गए।
7 प्रमुख शहरों से हुई शुरुआत, रीवा में भी शुरू हुईं 18 इंटरसिटी बसें
योजना के प्रथम चरण में प्रदेश के 7 प्रमुख शहरों से 351 बसों का संचालन एक साथ शुरू किया गया है। इसमें इंदौर में 145 बसें (50 इंटरसिटी, 95 इंट्रासिटी), भोपाल में 106 बसें (23 इंटरसिटी, 83 इंट्रासिटी), जबलपुर में 67 बसें (14 इंटरसिटी, 53 इंट्रासिटी), रीवा में 18 इंटरसिटी बसें, देवास में 10 इंटरसिटी बसें, कटनी में 3 और भिंड में 2 इंटरसिटी बसें शामिल हैं। रीवा सहित विंध्य क्षेत्र के यात्रियों को अब सुरक्षित और किफायती सफर की बेहतरीन सौगात मिली है।
2 रुपये प्रति किलोमीटर किराया तय, आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं से लैस
योजना के तहत आम यात्रियों के लिए किफायती किराया तय किया गया है, जो मात्र 2 रुपये प्रति किलोमीटर होगा। उदाहरण स्वरूप, भोपाल से इंदौर (190 किमी) का सफर अब सिर्फ 380 रुपये में पूरा होगा। यात्रियों व महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी भगवा ई-बसों में जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग, पैनिक बटन, सीसीटीवी (CCTV) कैमरे और डिजिटल टिकटिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। बसों का संचालन पीपीपी (PPP) मॉडल पर किया जाएगा।









