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करोड़ों का पैकेज फेल है इस ‘मैंगो मैन’ के आगे! सागर के आकाश चौरसिया ने मेढ़ों पर लगाए 400 पेड़; 40 वैरायटी के आमों से कर रहे लाखों की छप्परफाड़ कमाई

करोड़ों का पैकेज फेल है इस ‘मैंगो मैन’ के आगे! सागर के आकाश चौरसिया ने मेढ़ों पर लगाए 400 पेड़; 40 वैरायटी के आमों से कर रहे लाखों की छप्परफाड़ कमाई

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The Khabrilal

Published On: Jun 18, 2026, 8:36 PM IST

Updated On: Jun 18, 2026, 8:36 PM IST

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सागर: क्या कोई शख्स महज एक एकड़ खेत की बाउंड्री (मेढ़ों) पर आम के पेड़ लगाकर हर साल लाखों रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा सकता है? मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड अंचल के सागर जिले के एक दूरदर्शी किसान ने पारंपरिक खेती के ढर्रे को पूरी तरह बदलकर इस नामुमकिन बात को हकीकत में बदल दिया है। सागर के तिली गांव के रहने वाले 40 वर्षीय आकाश चौरसिया आज देश के कृषि जगत में एक बड़ा ब्रांड बन चुके हैं। वे अपने कपूरिया स्थित फॉर्म हाउस पर महज 400 आम के पेड़ों और 40 से अधिक अद्भुत किस्मों की बदौलत हर सीजन में 10 से 12 लाख रुपये की बंपर कमाई कर रहे हैं। उनकी इस जादुई ‘मल्टी लेयर फार्मिंग’ (Multilayer Farming) तकनीक का लोहा अब देश-विदेश के कृषि वैज्ञानिक भी मान रहे हैं।

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केसर से लेकर वनराज तक… एक ही खेत में 40 अद्भुत किस्में

आकाश चौरसिया के फॉर्म हाउस की महक और उनके इस अनूठे मॉडल की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • सीजन में 300 क्विंटल पैदावार: आकाश ने अपने दो फॉर्म हाउस की मेढ़ों का ऐसा सटीक इस्तेमाल किया है कि वहां आम के सीजन में 300 क्विंटल से अधिक आम टूटते हैं। बाजार में औसतन 40 रुपये प्रति किलो का भाव मिलने से पूरी कमाई आसानी से 12 लाख रुपये के पार पहुंच जाती है।
  • किस्मों का अनूठा संसार: उनके बाग में अल्फोंसो की टक्कर का केसर, बादाम, किसन भोग, माल्दा, लंगड़ा, सफेदा, वनराज, आम्रपाली, चौसा और तोतापरी जैसी आम की 35 से 40 दुर्लभ और स्वादिष्ट किस्में एक साथ लहलहा रही हैं।

MBBS की सीट नहीं मिली तो निराश होने के बजाय मिट्टी से उगाया ‘सोना’

आकाश की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे एक कड़ा संघर्ष और युवाओं के लिए बड़ी सीख छिपी है:

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  1. डॉक्टर बनने का था सपना: आकाश कभी डॉक्टर बनने की चाहत में पीएमटी (Pre Medical Test) की तैयारी कर रहे थे। परीक्षा में सफलता न मिलने और एमबीबीएस की सीट न मिलने पर उन्होंने हिम्मत हारने के बजाय पुश्तैनी रूप से होने वाली पान की खेती को आधुनिक और वैज्ञानिक रुख देने की ठानी।
  2. मल्टी लेयर फार्मिंग के जनक: आकाश चौरसिया को भारत में ‘मल्टी लेयर फार्मिंग का जनक’ कहा जाता है। उन्होंने एक एकड़ के छोटे से खेत में एक साथ 40 तरह की फसलें, अनाज, फल और सब्जियां उगाने का कीर्तिमान रचा है। इस तकनीक में जमीन के नीचे (कंद), जमीन की सतह पर (सब्जियां) और जमीन के ऊपर (फल व अनाज) अलग-अलग ऊंचाइयों पर फसलें ली जाती हैं, जिससे लागत न के बराबर आती है और मुनाफा कई गुना बढ़ जाता है।

पीएम नरेंद्र मोदी और अंबानी परिवार भी कर चुका है सलाम

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान —

“खेती के क्षेत्र में इस अभूतपूर्व और क्रांतिकारी योगदान, गो-आधारित जैविक कृषि को बढ़ावा देने और देश के लाखों किसानों की आय दोगुनी करने के व्यावहारिक मॉडल के लिए खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आकाश चौरसिया को मंच से सम्मानित कर चुके हैं। इसके अलावा उन्हें महिंद्रा समूह और कोकिलाबेन अंबानी सहित देश के करीब दो दर्जन से अधिक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।”

खुद लखपति बने और अब पूर्व सैनिकों व विदेशी किसानों को दे रहे हैं ट्रेनिंग

आकाश अब सिर्फ अपनी तरक्की नहीं देख रहे, बल्कि देश के अन्नदाताओं को भी आत्मनिर्भर बना रहे हैं। वे देश की सीमाओं की रक्षा कर सेवानिवृत्त हुए भारतीय सेना के जवानों (Retired Army Personals) से लेकर देश-विदेश के हजारों किसानों को निशुल्क और सशुल्क जैविक खेती का कड़ा प्रशिक्षण दे रहे हैं। आकाश अब तक मध्य प्रदेश समेत दिल्ली, मुंबई, उत्तर प्रदेश, बिहार, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गोवा, ओडिशा और गुजरात जैसे राज्यों में सैकड़ों प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर चुके हैं और पूरे देश में 500 से अधिक सफल मॉडल खुद खड़े करवा चुके हैं।

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