मैहर: मैहर जिले में हो रही मूसलाधार बारिश ने प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है। जिले के रामनगर जनपद अंतर्गत आने वाले करौंदी गांव में स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर जलभराव और उफनती नदी-नालों के बीच से स्कूल जाने को मजबूर हैं। वहीं दूसरी ओर, ताला क्षेत्र में भारी बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे कई प्रमुख मार्गों पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।

ग्रामीणों की समस्या और प्रशासनिक उदासीनता
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करौंदी में पानी के बीच स्कूली बच्चों की मजबूरी: रामनगर नगर परिषद के वार्ड क्रमांक-4 स्थित करौंदी गांव में बारिश होते ही नदी उफान पर आ जाती है। मुख्य मार्ग से संपर्क टूटने के कारण बच्चे घुटनों से ऊपर पानी को पार कर स्कूल पहुंच रहे हैं।
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अस्थाई लकड़ी का पुल भी बहा: ग्रामीणों के अनुसार हर साल मूसलाधार बारिश में उनका बनाया अस्थाई लकड़ी का पुल बह जाता है, जिससे दो दर्जन से अधिक परिवारों का संपर्क पूरी तरह कट जाता है।
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फाइलों में अटका ₹236 लाख का प्रोजेक्ट: वर्ष 2023 में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग (RES) ने करौंदी सड़क और स्लैब कलवर्ट (पुलिया) निर्माण के लिए ₹236 लाख (2.36 करोड़ रुपये) का एस्टीमेट तैयार कर तकनीकी स्वीकृति दी थी। हालांकि, प्रशासनिक स्वीकृति (Administrative Sanction) न मिलने से काम शुरू नहीं हो सका।
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ताला क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त: ताला क्षेत्र में रपटों और पुलियों के ऊपर से पानी बहने के कारण वाहन चालकों और ग्रामीणों को जलस्तर कम होने का घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
मामले का संक्षिप्त विवरण
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स्थान: करौंदी (रामनगर) एवं ताला क्षेत्र, जिला मैहर (मध्य प्रदेश)।
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मुख्य समस्या: भारी बारिश से मार्ग अवरुद्ध, उफनते नाले से स्कूली बच्चों का जोखिम भरा आवागमन।
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प्रशासनिक स्थिति: ₹236 लाख की पुलिया व सड़क परियोजना प्रशासनिक स्वीकृति का इंतजार कर रही है।








