मैहर/अमरपाटन : बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से भटककर मैहर वन मंडल में घुसा कॉलर आईडी (C-4) धारी जंगली हाथी ‘E-5’ पिछले 22 दिनों से लगातार उपद्रव मचाने के बाद सोमवार को बाणसागर डैम के जलग्रहण क्षेत्र में पहुंच गया। हाथी ने बाणसागर जलाशय के गहरे पानी में करीब 3 से 4 किलोमीटर तैरकर एक सुरक्षित टापू पर अपना डेरा जमा लिया है। वन विभाग और बांधवगढ़ की स्पेशल रेस्क्यू टीम 6 कुमकी हाथियों के साथ डैम के किनारे से उसके हर मूवमेंट पर पैनी नजर रखे हुए हैं।

मौहारी में मचाया था तांडव, किसान की हुई थी मौत
उल्लेखनीय है कि 7 सितंबर की रात हाथी E-5 ने अमरपाटन रेंज में प्रवेश किया था। इसके बाद मौहारी गांव में हाथी ने कई कच्चे मकानों को तहस-नहस कर दिया था और हमले में किसान कंछेदी यादव की जान चली गई थी। इस घटना के बाद से हाथी गोरसरी पहाड़ी और आसपास के गांवों (हरदुआ, गंजास, पुरैना, मड़करा) में लगातार विचरण कर रहा था, जिससे पूरे अंचल में दहशत का माहौल बना हुआ था।

हॉर्न बजाकर रामनगर शहर से खदेड़ा, सुबह 6 बजे डैम में उतरा
27 सितंबर की रात करीब 10 बजे हाथी रामनगर के शहरी इलाके (वार्ड नंबर 7) में घुस आया था। स्थानीय नागरिकों और वन अमले ने गाड़ियों की तेज लाइटों व हॉर्न के शोर से उसे खदेड़ा। इसके बाद सोमवार सुबह करीब 6 बजे हाथी ललुआ बीट (कक्ष क्रमांक 637) होते हुए बाणसागर डैम में उतर गया और तैरते हुए टापू पर पहुंच गया।
बांधवगढ़ लौटने का अनुमान, रेस्क्यू टीम मुस्तैद
अमरपाटन रेंजर प्रफुल्ल त्रिपाठी ने बताया कि हाथी की कॉलर आईडी से उसकी लोकेशन लगातार ट्रैक की जा रही है। हाथी के रुख से अनुमान लगाया जा रहा है कि वह अब वापस बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के जंगलों की ओर लौट रहा है। हालांकि, सरसी आइलैंड पार करने के बाद ही उसकी अंतिम दिशा स्पष्ट हो सकेगी। सुरक्षा के मद्देनजर 6 कुमकी हाथियों और रेस्क्यू दल को अलर्ट मोड पर रखा गया है।











