भोपाल। मध्य प्रदेश में बाढ़ और मूसलाधार मानसूनी बारिश के कारण कई जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने होम गार्ड मुख्यालय स्थित स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट सिचुएशन रूम पहुंचकर प्रदेशभर की स्थिति की आपात समीक्षा की और प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए।
मध्य प्रदेश में बाढ़ के बीच 527 नागरिकों का रेस्क्यू
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि SDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए प्रदेश के विभिन्न प्रभावित इलाकों से अब तक 527 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी लोगों के फंसे होने की सूचना मिले, वहां तत्काल रेस्क्यू टीम पहुंचाकर सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की जाए।
मध्य प्रदेश में बाढ़ के बीच खंडवा में 7 कांवड़ियों का रेस्क्यू
खंडवा जिले में नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से 7 कांवड़िए फंस गए थे। सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी कांवड़ियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
हेलीकॉप्टर और एयर एम्बुलेंस रहेंगी तैयार
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी आपात स्थिति या दुर्गम क्षेत्र में लोगों के फंसने पर हेलीकॉप्टर और एयर एम्बुलेंस की सेवाएं तत्काल ली जाएं।
उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य में संसाधनों की कमी नहीं आने दी जाएगी। जरूरत के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त टीमें और आवश्यक संसाधन भेजे जाएं।
बाढ़ प्रभावित लोगों से CM ने किया वर्चुअल संवाद
स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट सिचुएशन रूम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों और राहत-बचाव कार्य में जुटी टीमों से वर्चुअल संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि प्रभावित लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और जरूरतमंदों तक तत्काल सहायता पहुंचाई जाए।
निचले और नदी किनारे इलाकों के लिए एडवाइजरी
मुख्यमंत्री ने नदी, नालों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन दलों को 24 घंटे स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जा सके।
राहत शिविरों में भोजन, पानी और चिकित्सा व्यवस्था के निर्देश
प्रभावित क्षेत्रों में बनाए गए राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि विस्थापित नागरिकों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल और चिकित्सा सुविधा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए मैदानी अमला पूरी तरह सक्रिय रहे और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
मध्य प्रदेश में बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन अलर्ट
लगातार बारिश के बीच प्रदेश के संवेदनशील इलाकों में प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर हैं। राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर हेलीकॉप्टर और एयर एम्बुलेंस की मदद से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है।
हर घर और हर परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने और अफवाहों से बचने की अपील की है।







