मैहर | करौंदिया पुल की मांग को लेकर रामनगर नगर परिषद के वार्ड क्रमांक-4 स्थित करौंदिया गांव के ग्रामीण लंबे समय से स्थायी समाधान का इंतजार कर रहे हैं। बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ जाता है। ऐसे में ग्रामीणों द्वारा बनाया गया अस्थाई लकड़ी का पुल बह जाता है। इसके बाद गांव का संपर्क प्रभावित हो जाता है।

बारिश में बढ़ जाती है ग्रामीणों की परेशानी
करौंदिया गांव के पास बहने वाली नदी में बारिश के दौरान तेज बहाव रहता है। पानी बढ़ने पर अस्थाई लकड़ी का पुल टिक नहीं पाता। इसके कारण दो दर्जन से अधिक परिवारों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो जाती है।
ग्रामीणों के मुताबिक, पुल बहने के बाद जरूरी कामों के लिए गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। वहीं, खेती-किसानी से जुड़े कामों के लिए भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
करौंदिया पुल के लिए तैयार हुआ था प्रस्ताव
ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए वर्ष 2023 में तत्कालीन कलेक्टर रानी बाटड के निर्देश पर निरीक्षण किया गया था। इस दौरान रामनगर एसडीएम, नगर परिषद और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) विभाग के अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया।
इसके बाद सड़क और स्लैब कलवर्ट के निर्माण के लिए करीब ₹236 लाख का प्राक्कलन तैयार किया गया। जानकारी के अनुसार, प्रस्ताव को तकनीकी स्वीकृति भी मिल चुकी है। हालांकि, प्रशासकीय स्वीकृति नहीं मिलने से निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पाया।
पक्के मकान बने, लेकिन आवागमन की समस्या कायम
गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कई परिवारों को पक्के मकान मिले हैं। इसके बावजूद बारिश के दिनों में कनेक्टिविटी की समस्या बनी रहती है।
दरअसल, सड़क और पुल की सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए परेशानी होती है। खासकर बारिश के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं और बाजार तक पहुंचना चुनौती बन जाता है।
हर साल अस्थाई पुल पर निर्भर ग्रामीण
फिलहाल ग्रामीण अस्थाई लकड़ी के पुल का सहारा लेते हैं। नदी का जलस्तर सामान्य रहने तक यह व्यवस्था चलती है। लेकिन तेज बारिश शुरू होते ही स्थिति बदल जाती है।
नदी में पानी बढ़ने के साथ पुल बह जाता है। इसके बाद ग्रामीणों को पानी कम होने का इंतजार करना पड़ता है। यही समस्या हर साल दोहराई जा रही है।
स्थायी पुल निर्माण की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रस्ताव को जल्द प्रशासकीय स्वीकृति देने की मांग की है। साथ ही सड़क और पुल निर्माण शुरू कराने की अपील की है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्थायी पुल बनने से बारिश के मौसम में आवागमन की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। अब क्षेत्रवासियों की नजर जिला प्रशासन के अगले कदम पर है।
करौंदिया पुल की स्थिति एक नजर में
स्थान: नगर परिषद रामनगर वार्ड क्रमांक-4, करौंदिया जिला मैहर
समस्या: बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने से आवागमन प्रभावित
अस्थाई व्यवस्था: लकड़ी का पुल
प्रस्तावित कार्य: सड़क और स्लैब कलवर्ट निर्माण
प्राक्कलन: ₹236 लाख
स्थिति: तकनीकी स्वीकृति के बाद प्रशासकीय स्वीकृति का इंतजार
ग्रामीणों की मांग: जल्द स्थायी निर्माण शुरू कराया जाए
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