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नागौद के पूर्व विधायक रामप्रताप सिंह पतौरा का निधन: दिल्ली से लौटते समय ली अंतिम सांस; सतना-नागौद क्षेत्र में शोक की लहर

नागौद के पूर्व विधायक रामप्रताप सिंह पतौरा का निधन: दिल्ली से लौटते समय ली अंतिम सांस; सतना-नागौद क्षेत्र में शोक की लहर

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The Khabrilal

Published On: Sep 28, 2026, 8:22 PM IST

Updated On: Sep 28, 2026, 9:10 PM IST

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नागौद/सतना : विंध्य क्षेत्र के वरिष्ठ राजनीतिज्ञ एवं नागौद विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक श्री रामप्रताप सिंह जी (पतौरा गढ़ी) का दुखद निधन हो गया है। उनके निधन की खबर आते ही नागौद, सतना सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। स्व. रामप्रताप सिंह जी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता गगनेंद्र प्रताप सिंह के पूज्य पिता थे। उनके निधन पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।

अस्वस्थ होने पर एयर एंबुलेंस से ले जाए गए थे दिल्ली

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व विधायक रामप्रताप सिंह जी पिछले कुछ दिनों से गंभीर रूप से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका शुरुआती इलाज सतना के एक निजी अस्पताल में दो दिनों तक चला। हालांकि, स्वास्थ्य में सुधार न होने और स्थिति नाजुक बनने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस (Air Ambulance) के जरिए दिल्ली के उच्च चिकित्सा संस्थान ले जाया गया था। दिल्ली में इलाज के उपरांत आज जब उन्हें वापस लाया जा रहा था, उसी दौरान रास्ते में उन्होंने अंतिम सांस ली।

3 बार चुने गए विधायक, 1998 में निर्दलीय जीतकर जमाई थी धाक

स्व. रामप्रताप सिंह नागौद क्षेत्र के एक अत्यंत जुझारू और प्रभावशाली जननेता माने जाते थे। वे नागौद विधानसभा से तीन बार विधायक चुने गए:
  • 1985: कांग्रेस पार्टी के टिकट पर पहली बार विधायक बने।
  • 1990: दोबारा कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की।
  • 1998: कांग्रेस द्वारा टिकट न दिए जाने पर वे बागी होकर निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरे और भारी मतों से ऐतिहासिक जीत हासिल की।

‘नर्मदा जल सतना लाओ’ आंदोलन के रहे प्रमुख अगुआ

क्षेत्रीय विकास और जनहित के मुद्दों पर स्व. रामप्रताप सिंह सदैव मुखर रहे। वे ‘नर्मदा जल सतना लाओ संघर्ष समिति’ के संयोजक थे। सतना जिले को बरगी टनल प्रोजेक्ट के जरिए उसके हक का नर्मदा जल दिलाने के लिए उन्होंने कई बड़े जनआंदोलनों और संघर्षों का नेतृत्व किया। जनहित के लिए संघर्ष करने की उनकी शैली के कारण वे समूचे जिले में काफी लोकप्रिय थे।
दो दिन सतना में इलाज के बाद एयर एंबुलेंस से ले जाए गए थे दिल्ली
परिजनों के अनुसार, अचानक अस्वस्थ होने पर उनका दो दिनों तक सतना के अस्पताल में इलाज चला। हालत में सुधार न होने पर उन्हें एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया गया था। आज दिल्ली से वापस सतना लाते समय मार्ग में उनका निधन हो गया। उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है।

राजनीतिक व सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति

रामप्रताप सिंह जी पतौरा गढ़ी राजपरिवार और नागौद क्षेत्र की राजनीति के प्रमुख स्तंभ माने जाते थे। उन्होंने विधायक के रूप में क्षेत्र के जनविकास, ग्रामीण सड़कों और जनसमस्याओं के निराकरण में उल्लेखनीय योगदान दिया था। उनके मिलनसार स्वभाव और सर्वसुलभ व्यक्तित्व के कारण क्षेत्र में उनकी गहरी पैठ थी। उनके निधन को नागौद और सतना जिले के लिए एक बड़ी अपूरणीय राजनीतिक व सामाजिक क्षति माना जा रहा है।

शोक संवेदनाओं का तांता

पूर्व विधायक के निधन का समाचार मिलते ही पतौरा गढ़ी और उनके निवास स्थान पर शोक जताने वाले समर्थकों व शुभचिंतकों का तांता लग गया है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और गणमान्य नागरिकों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिजनों को इस असीम दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
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