Sign In
/
/
रामनगर में सिस्टम की ‘खराब’ व्यवस्था से सुलग उठी मातृछाया मेडिकल: भीषण आग में लाखों की दवाइयां खाक; पानी के टैंकरों से आग बुझाने को मजबूर हुए लोग, फूटा गुस्सा

रामनगर में सिस्टम की ‘खराब’ व्यवस्था से सुलग उठी मातृछाया मेडिकल: भीषण आग में लाखों की दवाइयां खाक; पानी के टैंकरों से आग बुझाने को मजबूर हुए लोग, फूटा गुस्सा

[inb_subtitle]

विज्ञापन

The Khabrilal

Published On: Jun 9, 2026, 6:25 PM IST

Updated On: Jun 9, 2026, 6:25 PM IST

🔗 Link Copied!
🔗 Link Copied!

रामनगर (मासमासी रोड): रामनगर थाना क्षेत्र के मासमासी रोड पर स्थित ‘मातृछाया मेडिकल स्टोर’ में अचानक भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में दुकान के भीतर रखी लाखों रुपये की कीमती दवाइयां, काउंटर और दस्तावेज जलकर पूरी तरह खाक हो गए। लेकिन इस हादसे से भी ज्यादा हैरान और आक्रोशित करने वाली बात यह रही कि हमेशा की तरह इस बार भी ऐन वक्त पर रामनगर की सरकारी फायर ब्रिगेड खराब खड़ी रही। दमकल वाहन न मिलने के कारण स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों को खुद पानी के निजी टैंकरों का इंतजाम कर आग पर काबू पाना पड़ा। इस घोर लापरवाही को लेकर अब जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ स्थानीय जनता में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

आधी रात को उठा धुएं का गुबार, मची अफरा-तफरी

  • दुकान से उठने लगीं लपटें: मासमासी रोड स्थित मातृछाया मेडिकल स्टोर से अचानक धुएं का गुबार और आग की ऊंची लपटें उठती देख आसपास के लोगों के होश उड़ गए। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया।
  • लाखों का हुआ नुकसान: स्थानीय दुकानदारों ने तत्काल इसकी सूचना मेडिकल स्टोर के संचालक और दमकल विभाग को दी। प्राथमिक अनुमान के मुताबिक, आगजनी की इस घटना में मेडिकल स्टोर के अंदर रखी जीवनरक्षक दवाइयां, कीमती मेडिकल उपकरण और फर्नीचर पूरी तरह जल चुके हैं, जिससे संचालक को लाखों रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा मेंटेनेंस! इतने बजट में आ जातीं 2-4 नई गाड़ियां

इस हादसे ने एक बार फिर रामनगर नगर परिषद और दमकल विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की पोल खोलकर रख दी है:

  1. हमेशा की तरह गाड़ी खराब: घटना के तुरंत बाद जब लोगों ने फायर ब्रिगेड को फोन किया, तो हर बार की तरह वही रटा-रटाया जवाब मिला कि “गाड़ी खराब है और मेंटेनेंस में है।”
  2. नेताओं और अफसरों ने भरी जेब: स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि इस पुरानी और कबाड़ हो चुकी फायर ब्रिगेड की मरम्मत और मेंटेनेंस के नाम पर हर साल सरकारी खजाने से लाखों-करोड़ों रुपये फूंक दिए जाते हैं। कागजों पर होने वाले इस मेंटेनेंस के बजट में आसानी से 2 से 4 नई चमचमाती फायर ब्रिगेड गाड़ियां खरीदी जा सकती थीं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने सिर्फ अपनी जेबें भरने पर ध्यान दिया।

ग्रामीणों ने खुद संभाली कमान, बाल्टियों और टैंकरों से पाया काबू

सरकारी सिस्टम से कोई मदद न मिलती देख मासमासी रोड के व्यापारियों और स्थानीय युवाओं ने खुद मोर्चा संभाला। आनन-फानन में निजी पानी के टैंकरों को मौके पर बुलवाया गया। ग्रामीणों ने बाल्टियों और मोटरों के माध्यम से घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद जैसे-तैसे आग पर काबू पाया, वरना यह आग आसपास की अन्य दुकानों और रिहायशी मकानों को भी अपनी चपेट में ले सकती थी।

जनता की चेतावनी —

क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि रामनगर में आए दिन आगजनी की घटनाएं होती हैं, लेकिन दमकल वाहन हमेशा कबाड़खाने में खड़ा रहता है। यदि जल्द ही रामनगर को नई और सुचारू फायर ब्रिगेड की सुविधा नहीं मिली, तो व्यापारी और आम जनता कलेक्ट्रेट का घेराव कर उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगी।

होम
MP ब्रेकिंग
Join करें
Join करें
मेन्यू