Sign In
/
/
आउटसोर्स व्यवस्था पर नगर परिषद का स्पष्टीकरण

आउटसोर्स व्यवस्था पर नगर परिषद का स्पष्टीकरण

[inb_subtitle]

विज्ञापन
मैहर जिले की रामनगर नगर परिषद द्वारा जारी आउटसोर्स व्यवस्था से संबंधित आधिकारिक आदेश पत्र
— आउटसोर्स व्यवस्था को लेकर नगर परिषद रामनगर का आधिकारिक पक्ष

The Khabrilal

Published On: Jan 16, 2026, 5:55 PM IST

Updated On: Jan 16, 2026, 6:05 PM IST

🔗 Link Copied!
🔗 Link Copied!

Maihar News | Ramnagar Nagar Parishad Outsourcing : कर्मचारियों के विरोध पर परिषद का स्पष्टीकरण

Advertisement

MAIHAR/रामनगर। नगर परिषद रामनगर में लागू आउटसोर्स व्यवस्था पर उठा विवाद अब साफ हो गया है। नगर परिषद ने इस मामले में अपना पक्ष सार्वजनिक किया है। म.प्र. लघु वेतन कर्मचारी संघ के आरोपों को परिषद ने निराधार बताया है। नगर परिषद ने जारी आदेश में कहा कि कर्मचारियों को बिना सूचना आउटसोर्स में शामिल नहीं किया गया। परिषद के अनुसार यह आरोप पूरी तरह गलत है। आउटसोर्स प्रक्रिया शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार की गई है। इसके लिए वित्तीय स्वीकृति भी प्राप्त की गई थी। निविदा प्रक्रिया पूरी तरह नियमानुसार अपनाई गई। लघु वेतन कर्मचारी संघ जिला मैहर ने सीएमओ रामनगर को पत्र लिखा था। पत्र में वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को ठेका प्रणाली में डालने का आरोप लगाया गया था। संघ ने इसे कर्मचारियों का मानसिक शोषण बताया था। आदेश वापस न लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। इसी क्रम में शुक्रवार से कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी थी। नगर परिषद ने संघ को दिए जवाब में स्थिति स्पष्ट की है। परिषद ने कहा कि आउटसोर्स एजेंसी का चयन पारदर्शी प्रक्रिया से हुआ है। निविदा प्रक्रिया पूरी तरह खुली और नियमों के तहत थी। इस व्यवस्था को सामान्य सभा की स्वीकृति मिली है। सक्षम प्राधिकारी से भी अनुमति प्राप्त की गई है। परिषद ने स्पष्ट किया कि किसी कर्मचारी को हटाया नहीं गया है। किसी की सेवा समाप्त करने का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। आउटसोर्स नगर परिषद की नई व्यवस्था का उद्देश्य कार्यों का सुचारु संचालन है। इसका मकसद वित्तीय संतुलन बनाए रखना भी है। यह निर्णय ग्वालियर खंडपीठ के आदेश के तहत लिया गया है। मध्यप्रदेश नगरीय प्रशासन विभाग के निर्देशों का भी पालन किया गया है। अपर मुख्य सचिव के डीओ पत्र के अनुसार कार्रवाई की गई है।

ऑडिट आपत्ति का भी उल्लेख

Advertisement

नगर परिषद ने ऑडिट रिपोर्ट का हवाला दिया है। महालेखाकार ग्वालियर की वर्ष 2018-19 की रिपोर्ट में आपत्तियां दर्ज हैं। रिपोर्ट में संबंधित नियुक्तियों को अवैध बताया गया था।
यह उल्लेख बिंदु क्रमांक 26 में किया गया है। ऑडिट में वित्तीय भुगतान न करने के निर्देश दिए गए थे। नगर परिषद ने इन निर्देशों का पालन किया है। परिषद का कहना है कि कर्मचारियों की नियुक्ति परिषद स्तर से नहीं हुई थी। शासन से भी इन पदों की स्वीकृति नहीं थी। नगर परिषद के स्पष्टीकरण से स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हुई है। अब सभी की नजरें कर्मचारी संघ की अगली रणनीति पर टिकी हैं।

होम
MP ब्रेकिंग
Join करें
Join करें
मेन्यू