रीवा/सिरमौर: विंध्य अंचल की अनमोल सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर तथा प्रदेश के सबसे बड़े गौ-आश्रयों में से एक बसामन मामा गौवंश वन्य विहार (पुर्वा) को अब एक राष्ट्रीय स्तर के आदर्श, स्वच्छ और आत्मनिर्भर परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा। सोमवार (6 जुलाई) को मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने वन्य विहार के नवनिर्मित प्रशासनिक भवन में एक हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने गौवंश के संरक्षण, अधोसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) विकास और परिसर में प्राकृतिक खेती (Natural Farming) को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए एक कड़ा विधिक एक्शन प्लान तैयार करने और शासकीय-अशासकीय सदस्यों की एक संयुक्त मॉनिटरिंग समिति गठित करने के कड़े निर्देश जारी किए।

मुख्य मार्ग से विहार तक तनेगा ‘पीपल’ का ऑक्सीजन कवच; रोपे जाएंगे फलदार पौधे
पर्यावरण और जीव संरक्षण को एक नई दिशा देते हुए उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बैठक में निम्नलिखित दूरगामी और ऐतिहासिक विधिक कड़ियाँ तय की हैं:
- ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण: मुख्य मार्ग के टर्निंग मोड़ से लेकर बसामन मामा गौवंश वन्य विहार के मुख्य द्वार तक पूरे मार्ग के दोनों किनारों पर सघन रूप से पीपल के पौधों का वृक्षारोपण किया जाएगा। डिप्टी सीएम ने बताया कि पीपल का वृक्ष २४ घंटे प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक ऑक्सीजन देने और घनी शीतल छाया के लिए जाना जाता है, जिससे यह पूरा मार्ग भविष्य में एक हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल कॉरिडोर बनेगा।
- खुद रोपा आम का पौधा: निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने परिसर के भीतर स्वयं आम का पौधा रोपकर विंध्यवासियों को प्रकृति संरक्षण का विधिक संदेश दिया। उन्होंने निर्माण विंग को निर्देश दिए कि टीन शेड विस्तार, बाउंड्री और पेवर ब्लॉक के सभी चालू कार्यों को तय समय-सीमा (Deadline) के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
बिना यूरिया की लौकी-तरोई की होगी ब्रांडिंग; प्रोडक्शन मैनेजर सहित नए पदों पर होगी विधिक भर्ती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल ‘प्राकृतिक खेती’ को वन्य विहार के जरिए ग्रामीण अंचलों तक पहुंचाने का बड़ा रोडमैप तैयार किया गया है:
- मार्केट में आएंगे बसामन मामा ब्रांड्स: उपमुख्यमंत्री ने परिसर में बिना किसी रासायनिक खाद या कीटनाशक के पूरी तरह जैविक (गोबर-गौमूत्र) विधि से उगाई गई लौकी, तरोई, मूंग, चावल और गेहूं की फसलों का भौतिक विधिक अवलोकन किया। उन्होंने इसकी उत्तम गुणवत्ता की सराहना करते हुए निर्देश दिए कि इन उत्पादों की रीवा सहित देश के बड़े बाजारों में प्रभावी ब्रांडिंग और विधिक मार्केटिंग की जाए।
- रोजगार के नए विधिक पद स्वीकृत: जैविक कृषि और दुग्ध उत्पादन को व्यावसायिक स्तर पर ले जाने के लिए वन्य विहार में तत्काल विधिक नियमों के तहत एक ‘प्रोडक्शन मैनेजर’ (Production Manager) सहित अन्य आवश्यक तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के आदेश दिए गए हैं।
केपी त्रिपाठी और राजेश यादव सहित जिला पंचायत सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर रहे मौजूद; हर महीने होगी विधिक समीक्षा
प्रशासनिक मुस्तैदी और रीवा प्रशासन का विधिक अमला —
“वन्य विहार के सुचारु और पारदर्शी संचालन के लिए डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने शासकीय अफसरों और स्थानीय गौ-सेवकों (अशासकीय सदस्यों) को मिलाकर एक संयुक्त प्रबंधकीय समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं, जिसकी विधिक बैठक प्रत्येक माह अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएगी.
इस उच्च स्तरीय बैठक में पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी, अन्य पिछड़ा वर्ग के जिला अध्यक्ष राजेश यादव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) मेहताब सिंह गुर्जर, अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) दृष्टि जायसवाल, एसडीओ फॉरेस्ट हितेश खंडेलवाल और डॉ. राजेश मिश्रा सहित राजस्व व पशुपालन विभाग के आला विधिक अधिकारी मौजूद रहे.
उपमुख्यमंत्री ने शेडों का सघन निरीक्षण कर भीषण उमस और वर्षा ऋतु के दौरान गौवंश के रखरखाव, सूखे चारे की उपलब्धता और शुद्ध पेयजल की विधिक व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की। उन्होंने साफ कहा कि स्वच्छता और सौंदर्यीकरण में किसी भी स्तर पर ढिलाई अक्षम्य होगी।”






