रामनगर/मैहर: मैहर जिला पुलिस प्रशासन द्वारा ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और तकनीकी अपराधों पर विधिक लगाम कसने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘सेफ क्लिक अभियान’ की गूंज अब रामनगर अंचल में भी सुनाई देने लगी है। सोमवार को रामनगर जनपद पंचायत के मुख्य सभागार में एक वृहद साइबर जागरूकता विधिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस विशेष पाठशाला में पंचायत, महिला बाल विकास, स्वास्थ्य और राजस्व सहित विभिन्न शासकीय महकमों के आला अधिकारियों व कर्मचारियों को वर्तमान समय में तेजी से पैर पसार रहे डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक और ओटीपी (OTP) फ्रॉड जैसे गंभीर साइबर विधिक अपराधों से सुरक्षा के व्यावहारिक तौर-तरीके सिखाए गए।

थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी ने खोला अपराधियों के नए पैंतरों का राज; झांसे में न आने की चेतावनी
कार्यशाला के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा रेखांकित की गई मुख्य विधिक और तकनीकी कड़ियाँ इस प्रकार हैं:
- अपराधियों के नए ट्रेंड्स: रामनगर थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी ने पॉवरपॉइंट और व्यावहारिक उदाहरणों के जरिए कर्माचारियों को आगाह किया कि ठग अब सीधे लोगों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ करने, पार्सल में अवैध सामग्री मिलने या बैंक खाते फ्रीज होने का विधिक डर दिखाकर लाखों की चपत लगा रहे हैं।
- क्लिक करने से पहले सोचें: उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि किसी भी अनजान नंबर से आए मैसेज, लॉटरी के झांसे या अज्ञात हाइपरलिंक (Link) पर बिना विधिक जांच-परख के क्लिक करना आपकी जमा-पूंजी के लिए घातक साबित हो सकता है।
यदि हो जाए ठगी, तो बिना वक्त गंवाए डायल करें ‘1930’ हेल्पलाइन; तत्काल विधिक एक्शन की कड़ियाँ
साइबर फ्रॉड का शिकार होने की स्थिति में राहत पाने के लिए थाना प्रभारी ने सबसे महत्वपूर्ण विधिक गोल्डन ऑवर (Golden Hour) की जानकारी साझा की:
- तुरंत ब्लॉक होगा पैसा: यदि किसी कर्मचारी या नागरिक के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी हो जाती है, तो उन्हें बिना घबराए और बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत विधिक रूप से दर्ज करानी चाहिए।
- थाने में दें त्वरित तहरीर: इसके साथ ही पीड़ित को अपने नजदीकी पुलिस थाने के साइबर डेस्क या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर विधिक इनपुट देना चाहिए ताकि समय रहते ठगों के बैंक खातों को होल्ड (Freeze) कराया जा सके।
एसडीएम एस.पी. मिश्रा और जनपद सीईओ भारती दीक्षित की मौजूदगी में हुआ महामंथन; सजगता ही असली विधिक सुरक्षा
प्रशासनिक मुस्तैदी और रामनगर अंचल की सुरक्षा का संकल्प —
“इस हाई-प्रोफाइल जागरूकता कार्यक्रम में प्रशासनिक अमले ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. मंच पर मुख्य रूप से अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) एस.पी. मिश्रा, जनपद मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) भारती दीक्षित, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. आलोक अवधिया और नायब तहसीलदार ललित धार्वे सहित सैकड़ों की संख्या में मैदानी शासकीय कर्मचारी विधिक रूप से उपस्थित रहे.
अधिकारियों ने सामूहिक विधिक संकल्प लेते हुए कहा कि इस कार्यशाला से सीखे गए सुरक्षा के मंत्रों को वे न केवल अपने विभागों में लागू करेंगे, बल्कि ग्रामीण अंचलों में शासकीय दौरों के दौरान आम जनता और विशेषकर महिलाओं व बुजुर्गों तक भी पहुंचाएंगे ताकि रामनगर को पूरी तरह से साइबर-सुरक्षित अंचल बनाया जा सके।”







