विंध्य में मानवता की मिसाल: कर्रा मोड़ पर लहूलुहान हालत में तड़प रहे थे बुजुर्ग; देवराज नगर के डॉक्टर ने अपनी कार से अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान

सतना/रामनगर (देवराज नगर): “डॉक्टर को धरती का भगवान क्यों कहा जाता है”, इसकी एक जीवंत और जीती-जागती मिसाल रामनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कर्रा मोड़ के पास देखने को मिली है। यहाँ एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होकर तड़प रहे एक वृद्ध के लिए ‘गोल्डन आवर’ (दुर्घटना के ठीक बाद का कीमती समय) में देवराज नगर में पदस्थ एक सरकारी डॉक्टर मसीहा बनकर पहुंचे। डॉक्टर ने न केवल अपनी संवेदनशीलता दिखाई, बल्कि बिना एक पल गंवाए घायल बुजुर्ग को अपनी ही गाड़ी में लादकर अस्पताल पहुंचाया, जिससे समय रहते उनकी जान बच सकी।

टक्कर मारकर भागा वाहन, सड़क किनारे तड़प रहे थे वंशगोपाल

घटना की सिलसिलेवार जानकारी के मुताबिक, विंध्य अंचल के रामनगर बेल्ट में रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है:

  • अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर: वंश गोपाल तिवारी नामक एक बुजुर्ग कर्रा मोड़ के पास से गुजर रहे थे, तभी किसी अनियंत्रित अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बुजुर्ग सड़क किनारे दूर जा गिरे और लहुलुहान हो गए। वारदात के बाद बेरहम चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया।
  • रास्ते से गुजर रहे थे डॉक्टर: दुर्घटना के बाद बुजुर्ग दर्द से कराह रहे थे और उनकी जान हलक में अटकी थी। इसी दौरान देवराज नगर शासकीय अस्पताल में पदस्थ डॉ. दिव्यांशु तिवारी उसी मार्ग से अपने वाहन से गुजर रहे थे। सड़क किनारे भीड़ और तड़पते हुए बुजुर्ग पर जैसे ही उनकी नजर पड़ी, उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रोक दी।

‘गोल्डन आवर’ की अहमियत समझी, खुद बने एम्बुलेंस

आमतौर पर लोग पुलिसिया पचड़े या कोर्ट-कचहरी के डर से सड़क हादसों के घायलों की मदद करने से कतराते हैं, लेकिन डॉ. दिव्यांशु ने एक सच्चे चिकित्सक और सजग नागरिक का फर्ज निभाया:

  1. तत्काल गाड़ी में बैठाया: डॉक्टर तिवारी ने सरकारी एम्बुलेंस का इंतजार करने में समय बर्बाद नहीं किया। उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से घायल वंश गोपाल तिवारी को अपनी निजी कार में सुरक्षित बैठाया।
  2. देवराज नगर अस्पताल में इलाज: वे घायल को लेकर सीधे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवराजनगर पहुंचे और खुद की निगरानी में उनका आपातकालीन (Emergency) उपचार शुरू करवाया। डॉक्टरों के मुताबिक, अगर उन्हें अस्पताल लाने में 15 से 20 मिनट की भी देरी होती, तो अत्यधिक खून बह जाने के कारण स्थिति बेहद जानलेवा हो सकती थी।

इलाज के बाद हालत स्थिर, इलाके में डॉक्टर की जमकर तारीफ

अस्पताल प्रबंधन से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, समय पर प्राथमिक उपचार और टांके आदि लगने के बाद वृद्ध वंश गोपाल तिवारी की हालत में अब काफी सुधार है और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। इधर, जैसे ही यह खबर देवराज नगर और रामनगर इलाके में फैली, स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने डॉ. दिव्यांशु तिवारी की इस त्वरित कार्यशैली और संवेदनशीलता की जमकर सराहना की है। लोगों का कहना है कि डॉ. दिव्यांशु ने साबित कर दिया कि इंसानियत आज भी जिंदा है। उधर, रामनगर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर बुजुर्ग को टक्कर मारने वाले अज्ञात वाहन और उसके फरार चालक की तलाश के लिए सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।

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