सतना रेलवे स्टेशन पर सिस्टम फेल: अनाउंसमेंट और डिस्प्ले पर थी ‘इंटरसिटी’, पटरी पर आकर खड़ी हो गई ‘महाकौशल एक्सप्रेस’; यात्रियों में मची भारी अफरा-तफरी

सतना: भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा, समयबद्धता और आधुनिक सुविधाओं को लेकर चाहे जितने भी कसीदे पढ़े, लेकिन जमीन स्तर पर लापरवाही के किस्से इन दावों की पोल खोल देते हैं। ऐसा ही एक हैरान करने वाला और गंभीर वाकया बुधवार को सतना रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला। यहाँ रेलवे के ऑपरेटिंग और कमर्शियल सिस्टम के बीच तालमेल इस कदर बिगड़ा कि इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड और लाउडस्पीकर (उद्घोषणा प्रणाली) पर जिस ट्रेन को ‘इंटरसिटी एक्सप्रेस’ बताया जा रहा था, प्लेटफॉर्म पर उसकी जगह ‘महाकौशल एक्सप्रेस’ आकर खड़ी हो गई। रेलवे की इस घोर लापरवाही से सैकड़ों यात्रियों के बीच हड़कंप और असमंजस की स्थिति निर्मित हो गई।

प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर हुआ पूरा हाई-वोल्टेज ड्रामा

चूक उस समय हुई जब सतना स्टेशन के सबसे मुख्य प्लेटफॉर्म नंबर एक पर सैकड़ों यात्री अपने भारी-भरकम सामान के साथ ट्रेन का इंतजार कर रहे थे:

  • लगातार हो रही थी घोषणा: स्टेशन का ऑटोमैटिक और मैनुअल अनाउंसमेंट सिस्टम लगातार यात्रियों को सूचित कर रहा था कि प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर इंटरसिटी एक्सप्रेस आ रही है। डिजिटल कोच इंडिकेटर और मुख्य डिस्प्ले बोर्ड पर भी इंटरसिटी का ही शेड्यूल फ्लैश हो रहा था।
  • यात्री रह गए दंग: उद्घोषणा पर पूरा भरोसा कर यात्री अपनी-अपनी बोगी की पोजीशन के हिसाब से लाइन लगाकर खड़े हो गए। लेकिन जैसे ही ट्रेन ने प्लेटफॉर्म पर एंट्री ली, इंजन के पीछे लगे बोर्ड को देखकर यात्रियों के होश उड़ गए, क्योंकि वह इंटरसिटी नहीं बल्कि महाकौशल एक्सप्रेस थी।

यात्रियों में मची भगदड़, गलत ट्रेन में चढ़ने लगे लोग

अचानक हुए इस घटनाक्रम से पूरे प्लेटफॉर्म पर अव्यवस्था फैल गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

  1. असमंजस का माहौल: जो यात्री महाकौशल एक्सप्रेस के थे, वे नीचे ही खड़े रहे क्योंकि डिस्प्ले इंटरसिटी का था। वहीं इंटरसिटी के यात्री हड़बड़ी में महाकौशल के डिब्बों में चढ़ने लगे।
  2. हादसे का डर: यदि यात्री गलत ट्रेन में चढ़कर गलत दिशा में चले जाते, या चलती ट्रेन में उतरने-चढ़ने की कोशिश करते, तो स्टेशन पर कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था। यात्रियों का कहना है कि जब रेलवे का सूचना तंत्र ही फेल हो जाएगा, तो आम जनता किस पर भरोसा करेगी?

स्टेशन प्रबंधक का एक्शन: कमर्शियल विभाग को नोटिस

स्टेशन प्रबंधन का पक्ष —

इस गंभीर चूक के बाद जब यात्रियों ने स्टेशन मास्टर के दफ्तर का घेराव किया, तब जाकर रेल प्रशासन हरकत में आया। सतना स्टेशन प्रबंधक (SM) ए. मतीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर विभागीय समन्वय की कमी और लापरवाही का मामला है। अनाउंसमेंट और डिस्प्ले का जिम्मा संभालने वाले कमर्शियल विभाग (वाणिज्य विभाग) के संबंधित कर्मचारियों से लिखित में स्पष्टीकरण (शो-कॉज नोटिस) मांगा गया है। जवाब आने के बाद दोषियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना दर्शाती है कि कंट्रोल रूम और उद्घोषणा कक्ष के बीच तकनीकी या मानवीय तालमेल पूरी तरह ध्वस्त था। विंध्य अंचल के मुख्य स्टेशनों में शुमार सतना जैसे ‘ए-ग्रेड’ स्टेशन पर ऐसी बचकानी और खतरनाक लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए यात्रियों ने रेल मंत्रालय और जबलपुर रेल मंडल (WCR) से कड़े कदम उठाने की मांग की है।

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