सतना: सतना केंद्रीय जेल में शनिवार को प्रशासनिक और न्यायिक टीम द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और विजिटर बोर्ड के संयुक्त दल के साथ पहुंचे सतना कलेक्टर सतीश कुमार एस और पुलिस अधीक्षक (SP) हंसराज सिंह ने जेल की पाकशाला (रसोईघर) में पहुंचकर कैदियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता परखी और खुद उसका स्वाद चखा। अधिकारियों ने भोजन की गुणवत्ता को संतोषजनक पाया।

महिला वार्ड, पाकशाला का निरीक्षण और बंदियों से संवाद
जेल निरीक्षण के दौरान सामने आईं मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- भोजन एवं रसोई का निरीक्षण: कलेक्टर और एसपी ने जेल की पाकशाला का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया। वहां तैयार भोजन की साफ-सफाई और गुणवत्ता जांचने के लिए अधिकारियों ने स्वयं भोजन ग्रहण किया।
- महिला वार्ड और बंदियों से चर्चा: संयुक्त टीम ने महिला वार्ड, अस्पताल और बैरकों का जायजा लिया। इस दौरान सजायाफ्ता और विचाराधीन कैदियों से सीधे बातचीत कर उनसे जेल के भीतर मिलने वाली सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य समस्याओं के संबंध में पूछताछ की गई।
- कोई शिकायत दर्ज नहीं: अधिकारियों द्वारा भेदभाव या किसी भी तरह की परेशानी के बाबत पूछे जाने पर बंदियों ने व्यवस्थाओं पर संतोष जताया और कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई।
वरिष्ठ प्रशासनिक व न्यायिक अधिकारी रहे मौजूद
इस औचक निरीक्षण में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष गीता सोलंकी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रवीण कुमार सोंधिया, जिला रजिस्ट्रार एवं वरिष्ठ न्यायाधीश पुष्पराज सिंह, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुपाली सिंह सहित न्यायपालिका, जिला प्रशासन और जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों ने जेल प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मामले का संक्षिप्त विवरण
- स्थान: केंद्रीय जेल सतना (मध्य प्रदेश)।
- प्रमुख उपस्थिति: कलेक्टर सतीश कुमार एस, एसपी हंसराज सिंह, प्रधान जिला न्यायाधीश गीता सोलंकी।
- निरीक्षण क्षेत्र: पाकशाला (किचन), महिला वार्ड, बैरक एवं सामान्य परिसर।
- मुख्य निष्कर्ष: भोजन गुणवत्ता संतोषजनक, व्यवस्था दुरुस्त पाई गई।






