मऊगंज: मऊगंज उपजेल में बंदियों के साथ मारपीट करने और सुविधाओं के नाम पर अवैध वसूली करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस मामले को लेकर बंदियों के परिजनों ने कलेक्टर कार्यालय और स्थानीय प्रशासन में शिकायत दर्ज कराई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए 8 बंदियों का मेडिकल परीक्षण कराया है और संबंधित जेल प्रहरी को कारण बताओ नोटिस थमा दिया है।

परिजनों के आरोप और घटनाक्रम
मामले से जुड़ी प्रमुख बातें इस प्रकार हैं:
- मारपीट का घटनाक्रम: परिजनों के अनुसार, उपजेल परिसर में सफाई कार्य के दौरान 8 बंदी बाहर बैठे थे। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरी तेजवीर शर्मा ने बिना किसी स्पष्ट कारण के बंदियों के साथ मारपीट की। मुलाकात के दौरान बंदियों ने परिजनों को चोट के निशान दिखाए।
- अवैध वसूली का आरोप: परिजनों ने आरोप लगाया कि जेल में अतिरिक्त सुविधाएं प्रदान करने के नाम पर पैसों की मांग की जाती है और राशि न देने पर बंदियों के साथ दुर्व्यवहार तथा मारपीट की जाती है।
- प्रशासनिक कार्रवाई: शिकायत मिलते ही उपजेल जेलर ध्रुव नारायण मिश्रा ने सभी 8 बंदियों का मेडिकल लीगल केस (MLC) कराया। आरोपी प्रहरी तेजवीर शर्मा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
- अधिकारियों का रुख: उपजेल मऊगंज के पदेन अधीक्षक एवं एसडीएम एपी द्विवेदी ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रकरण संज्ञान में आते ही संबंधित जेल प्रहरी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
मामले का संक्षिप्त विवरण
- स्थान: मऊगंज उपजेल, जिला मऊगंज (मध्य प्रदेश)।
- आरोपी जेलकर्मी: प्रहरी तेजवीर शर्मा।
- प्रभावित बंदी: 8 बंदी (जिनका MLC कराया गया)।
- संबंधित अधिकारी: पदेन अधीक्षक व एसडीएम एपी द्विवेदी, जेलर ध्रुव नारायण मिश्रा।
- वर्तमान स्थिति: बंदियों का मेडिकल संपन्न, बयानों और रिपोर्ट के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रक्रियाधीन।







