सतना: नीट (NEET) पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को सतना में एनएसयूआई (NSUI) और कांग्रेस के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट घेराव का आयोजन किया गया था। इस प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ करने के मामले में सतना पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए कई प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

अधिकारियों के वाहनों पर चढ़कर की गई तोड़फोड़
मामले से जुड़ी प्रमुख बातें इस प्रकार हैं:
- घटनाक्रम: प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय उग्र हो गई जब कुछ उपद्रवी नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) डीपी सिंह चौहान और सिटी कोतवाली थाना प्रभारी रवीन्द्र द्विवेदी की सरकारी गाड़ियों पर चढ़ गए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए वाहनों को नुकसान पहुंचाया और तोड़फोड़ की।
- वीडियो फुटेज से हुई पहचान: घटना के तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित जांच शुरू की। धरना-प्रदर्शन के वीडियो व फोटो खंगालने के बाद उपद्रवियों की पहचान की गई।
- नामित आरोपी: प्रारंभिक जांच और साक्ष्यों के आधार पर अनश खान, रूपेश गुप्ता, किस्सू कुशवाहा और कुसाग्र खरे समेत अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
पुलिस की टीमों द्वारा संभावित ठिकानों पर दबिश
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कानून व्यवस्था को चुनौती देने और सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इसके साथ ही वीडियो में दिख रहे अन्य अज्ञात लोगों की पहचान के प्रयास भी जारी हैं।
मामले का संक्षिप्त विवरण
- घटना स्थल: कलेक्ट्रेट परिसर, सतना (मध्य प्रदेश)।
- मुख्य कारण: नीट पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध (NSUI व कांग्रेस प्रदर्शन)।
- प्रभावित वाहन: सीएसपी डीपी सिंह चौहान व कोतवाली थाना प्रभारी रवीन्द्र द्विवेदी के सरकारी वाहन।
- दर्ज धाराएं: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराएं।
- वर्तमान स्थिति: एफआईआर दर्ज, आरोपियों की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी।







