मैहर: मैहर जिले के ओइला स्थित प्रसिद्ध स्वामी नीलकंठ आश्रम में शनिवार दोपहर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब गुरु महाराज की प्रतिमा स्थापना के कार्यक्रम के दौरान अचानक विवाद खड़ा हो गया। आश्रम प्रबंधन ने कुछ असामाजिक तत्वों पर प्रतिमा स्थापना का विरोध करने, श्रद्धालुओं से अभद्रता करने और मूर्ति को क्षतिग्रस्त (खंडित) करने का गंभीर आरोप लगाया है।

विरोध के बाद आश्रम में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़
घटना से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- स्थापना के समय विवाद: आश्रम प्रबंधन के अनुसार, शनिवार दोपहर तय कार्यक्रम के तहत गुरु महाराज की प्रतिमा की स्थापना की तैयारियां की जा रही थीं। इसी दौरान लगभग ५ लोग मौके पर पहुंचे और स्थापना पर आपत्ति जताते हुए कार्य रोकने का दबाव बनाने लगे।
- प्रतिमा खंडित होने का आरोप: आश्रम पक्ष का आरोप है कि विरोध और कहासुनी के दौरान गुरु महाराज की प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई तथा वहां मौजूद लोगों व साधु-संतों के साथ अभद्रता की गई।
- प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची: घटना की सूचना मिलते ही नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) महेंद्र सिंह, कोतवाली प्रभारी संतोष उलाड़ी, तहसीलदार जितेंद्र पटेल तथा पुलिस बल तुरंत आश्रम पहुंचा। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी आश्रम एकत्र हो गए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।
महंत ने दर्ज कराई शिकायत; पुलिस की जांच शुरू
स्वामी नीलकंठ आश्रम के महंत ने मैहर कोतवाली थाने में लिखित आवेदन देकर घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मामले की जानकारी देते हुए कोतवाली प्रभारी संतोष उलाड़ी ने बताया कि आश्रम प्रबंधन की ओर से शिकायत आवेदन प्राप्त हो गया है। पुलिस पूरे मामले और सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना की संक्षिप्त रूपरेखा
- स्थान: स्वामी नीलकंठ आश्रम, ओइला (जिला मैहर)।
- घटना: गुरु महाराज की प्रतिमा स्थापना के समय विवाद व प्रतिमा खंडित होना।
- शिकायतकर्ता: आश्रम के महंत।
- प्रशासनिक उपस्थिति: सीएसपी महेंद्र सिंह, तहसीलदार जितेंद्र पटेल, कोतवाली प्रभारी संतोष उलाड़ी।
- वर्तमान स्थिति: कोतवाली पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी।







