रीवा/विंध्य : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों और दिशानिर्देशों को लेकर विंध्य अंचल में सामान्य वर्ग का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। रीवा में सवर्ण समाज के लोगों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए पिछले दिनों जनप्रतिनिधियों का सांकेतिक अंतिम संस्कार किया था। इसी कड़ी में अब प्रदर्शनकारियों ने प्रयागराज जाकर गंगा नदी में सांकेतिक अस्थि विसर्जन किया और मुंडन कराकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

रीवा से प्रयागराज तक निकला अस्थि कलश, रास्ते भर मिला समर्थन
अस्थि कलश यात्रा रीवा से शुरू होकर मनगवां, गढ़, सोहागी और चाकघाट होते हुए प्रयागराज पहुंची। इस दौरान रास्ते में जगह-जगह सामान्य समाज के लोगों ने अस्थि कलश पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और यूजीसी रोल बैक (UGC Roll Back) के नारे लगाए। प्रयागराज में गंगा तट पर प्रदर्शनकारियों ने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार मुंडन कराया और सांकेतिक रूप से अस्थियों का विसर्जन कर केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
2 अक्टूबर को कोठी स्थित शिव मंदिर में तेरहवीं, बड़े आंदोलन की तैयारी
आंदोलनकारियों का कहना है कि यूजीसी के नए प्रावधानों से सामान्य वर्ग के अधिकारों का हनन हो रहा है, लेकिन सवर्ण नेता इस मुद्दे पर खामोश बैठे हैं। इसी विरोध स्वरूप अब 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) को रीवा शहर के कोठी स्थित शिव मंदिर में सांकेतिक ‘तेरहवीं’ का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने विंध्य क्षेत्र के सामान्य समाज से बड़ी संख्या में इस कार्यक्रम में पहुंचकर समर्थन देने की अपील की है।










