भोपाल/विंध्य संभाग: भोपाल में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ईंधन तकनीक, हरित ऊर्जा और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर बेबाकी से अपनी बात रखी। गडकरी ने देश में छिड़ी बहस के बीच दावा किया कि E-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों का माइलेज (एवरेज) घटा नहीं बल्कि बढ़ा है। इसके साथ ही उन्होंने बस बॉडी निर्माण में बरती जा रही ढिलाई और आरटीओ (RTO) अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ा तंज कसते हुए सुधार की चेतावनी दी।

‘100% इथेनॉल गाड़ियों से बनेगी 60% बिजली, किसान बने ऊर्जादाता’
केंद्रीय मंत्री ने ई-20 पेट्रोल के फायदों को गिनाते हुए बताया कि पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल मिलाया जाता है, जो किसान तैयार करता है। भारत में वर्ष 2022 से करीब 4 करोड़ चारपहिया वाहनों में इसका उपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगले महीने से वाहन निर्माता कंपनियां 100% इथेनॉल (फ्लेक्स इंजन) से चलने वाली गाड़ियां बाजार में उतार रही हैं। इथेनॉल के उपयोग से 60% बिजली उत्पन्न होती है, जिससे पेट्रोल की तुलना में ज्यादा माइलेज मिलता है। इसके साथ ही मक्के से एथेनॉल बनने के कारण किसानों को मक्के का दाम ₹2600 प्रति क्विंटल तक मिला है, जिससे उनकी आय में भारी बढ़ोतरी हुई है।
हाइड्रोजन बस-ट्रक और इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर से खेती की तैयारी
नितिन गडकरी ने भविष्य के ईंधन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे खुद हाइड्रोजन कार और इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि देश के 10 प्रमुख रूटों पर जल्द ही पानी से उत्पन्न हाइड्रोजन से चलने वाली बसें और ट्रक उतारे जाएंगे। कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव के तहत अब डेढ़ घंटे में चार्ज होकर 8 घंटे चलने वाले इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों का इस्तेमाल खेती में शुरू हो चुका है।
RTO अफसरों को चेतावनी: गलत बस पास की तो जाएगी नौकरी
सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गडकरी ने आरटीओ और बस बॉडी बिल्डरों को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने 2024 में बस हादसों में हुई 3,000 से अधिक मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि अब न्यू कोड के तहत टेस्टिंग एजेंसी से अप्रूवल मिलने के बाद ही बसों का रजिस्ट्रेशन होगा। व्यंग्यात्मक लहजे में आरटीओ की कार्यशैली पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि “बहुत से RTO अफसर गांधीवादी हैं, गांधी जी की नोट देखते ही पास करने का ठप्पा मार देते हैं।” उन्होंने कड़ा संदेश दिया कि सुरक्षा मानकों से समझौता कर गलत बसों को पास करने वाले अधिकारियों की नौकरी तक जा सकती है।









