मैहर (रामनगर): मैहर जिले के रामनगर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत सुहौला में सरकारी धन के बंदरबांट और घटिया निर्माण कार्य की पोल महज एक-दो महीनों में ही खुल गई है। गांव में स्कूल के पास और मौहासा पहाड़ के पहले बनाई गई कंक्रीट सड़कें बनते ही जगह-जगह से उखड़कर गिट्टियां छोड़ने लगी हैं। सड़क की ऊपरी परत गायब होने के बाद अब निर्माण की तकनीकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि पंचायत सचिव की साठगांठ से बिना मानकों का पालन किए कंक्रीट बिछा दी गई।

मानकों को दरकिनार कर ऐसे हुआ ‘खेल’
मौके की स्थिति और ग्रामीणों के आरोपों के अनुसार सड़क निर्माण में तकनीकी मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं:
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गिट्टी के साइज में हेरफेर: निर्धारित 1:2:4 अनुपात और 20 MM गिट्टी के प्रयोग के बजाय 10 और 12 MM की कमजोर गिट्टी बिछाई गई।
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कम मोटाई व बिना वाइब्रेटर: सड़क की तय मोटाई 20 सेंटीमीटर होनी चाहिए थी, लेकिन मौके पर यह महज 15 से 18 सेंटीमीटर ही पाई जा रही है। निर्माण के दौरान कंक्रीट को मजबूत करने के लिए वाइब्रेटर तक का इस्तेमाल नहीं किया गया।
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बेस और ज्वाइंट गायब: कंक्रीट डालने से पहले सतह को समतल करने और मुरूम की आवश्यक रोलिंग प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। इसके अलावा दरारें रोकने के लिए हर 3 मीटर पर दिए जाने वाले ‘प्रॉपर ज्वाइंट’ भी गायब हैं।

4 बार निलंबित हो चुके सचिव की पहुंच पर उठ रहे सवाल
इस घटिया निर्माण का जिम्मा ग्राम पंचायत सचिव अवधेश सिंह के कार्यकाल में था। स्थानीय लोगों में चर्चा है कि सचिव अवधेश सिंह पूर्व में चार बार निलंबित हो चुके हैं, फिर भी राजनेताओं से करीबी का हवाला देकर हर बार कार्रवाई से बच निकलते हैं।
ग्रामीणों ने तीखा सवाल उठाया है कि यदि निर्माण में गड़बड़ी नहीं हुई है, तो महज 1-2 महीने में ही सड़क की गिट्टियां क्यों बाहर आ गईं? विभाग सड़क की मोटाई, प्रयुक्त सामग्री और मुरूम बेस का तकनीकी परीक्षण कराने से क्यों बच रहा है?

मामले का संक्षिप्त विवरण
| विवरण | जानकारी |
| घटनास्थल | ग्राम पंचायत सुहौला (स्कूल व मौहासा पहाड़ के पास), जनपद रामनगर (मैहर) |
| मुख्य जिम्मेदार | ग्राम पंचायत सचिव अवधेश सिंह |
| प्रमुख कमियां | 20 MM की जगह 10-12 MM गिट्टी, 20 CM की जगह 15 CM मोटाई, बिना वाइब्रेटर काम |
| ग्रामीणों की मांग | तकनीकी जांच टीम भेजकर घटिया निर्माण की सैंपलिंग और रिकवरी की कार्रवाई |
जांच और रिकवरी की मांग
ग्राम पंचायत सुहौला के ग्रामीणों ने मैहर कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से मांग की है कि तत्काल तकनीकी जांच टीम को मौके पर भेजकर कंक्रीट और बेस की जांच कराई जाए। यदि निर्माण घटिया पाया जाता है, तो दोषी सचिव और संबंधित तकनीकी अमले से राशि की रिकवरी कर उन पर विभागीय कार्रवाई की जाए।










