मैहर (अमरपाटन): मैहर जिले में बीते कई दिनों से जारी रुक-रुककर और मूसलाधार बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। अमरपाटन जनपद और ताला-मुकुंदपुर क्षेत्र में बहने वाली मरहा, भंवरा और मुरजुआ नदियां उफान पर आ गई हैं। इसके चलते मुकुंदपुर क्षेत्र का प्रमुख गऊ घाट पुल और कस्तरा रपटा पूरी तरह पानी में डूब गया है, जिससे आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण संपर्क मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और आवागमन ठप हो गया है।

बाढ़ जैसे हालात और जनजीवन पर असर
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प्रमुख धार्मिक स्थल पानी से घिरे: उफनती नदियों के कारण प्रसिद्ध अष्टभुजा मंदिर चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गया है। वहीं मुकुंदपुर स्थित तकिया दरगाह परिसर और ग्राउंड में भी भारी जलभराव हो गया है।
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निचले इलाकों में घुसा पानी: निचले इलाकों और गांवों में पानी भर जाने से कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। ग्रामीण छाती तक गहरे पानी से होकर निकलने को मजबूर हैं, जिससे अनाज और घरेलू सामान नष्ट हो गया है।
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प्रशासनिक सतर्कता: जलभराव की गंभीर स्थिति को देखते हुए अमरपाटन की एसडीएम आरती सिंह ने राजस्व अमले को फील्ड पर तैनात रहने और तत्काल राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
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जनपद सीईओ की कार्रवाई: अमरपाटन जनपद सीईओ वेदमणि मिश्रा ने सरपंचों और पंचायत सचिवों को अलर्ट मोड पर रखा है। गऊ घाट पुल पर पानी का तेज बहाव देखते हुए मौके पर प्रशासनिक टीम रवाना की गई है।
मामले का संक्षिप्त विवरण
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स्थान: अमरपाटन, ताला व मुकुंदपुर क्षेत्र, जिला मैहर (मध्य प्रदेश)।
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उफनती नदियां: मरहा, भंवरा और मुरजुआ नदी।
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प्रभावित संरचनाएं: गऊ घाट पुल, कस्तरा रपटा, अष्टभुजा मंदिर परिसर एवं मुकुंदपुर दरगाह।
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मुख्य अधिकारी: एसडीएम आरती सिंह एवं जनपद सीईओ वेदमणि मिश्रा।








