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सरकारी स्कूलों के मर्जर पर तत्काल रोक लगे, खाली पदों पर शिक्षकों की भर्ती हो: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह

सरकारी स्कूलों के मर्जर पर तत्काल रोक लगे, खाली पदों पर शिक्षकों की भर्ती हो: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह

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प्रांशु विश्वकर्मा

Published On: Aug 19, 2026, 12:34 AM IST

Updated On: Aug 19, 2026, 12:34 AM IST

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भोपाल: मध्यप्रदेश में ‘एक परिसर, एक शाला’ और संदीपनी स्कूल नीति के तहत सरकारी स्कूलों के किए जा रहे मर्जर को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने राज्य सरकार की इस नीति पर कड़ा प्रहार करते हुए मर्जर प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी कर दूर-दराज के स्कूलों को मर्ज किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब बच्चों और खासकर छात्राओं की शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

अजय सिंह के मुख्य आरोप और मांगें

  • नियमों का उल्लंघन: अजय सिंह ने कहा कि स्कूलों के मर्जर के लिए 2 किलोमीटर के दायरे का नियम तय है, लेकिन जमीनी स्तर पर 5 से 10 किलोमीटर दूर स्थित स्कूलों को भी आपस में मर्ज किया जा रहा है।
  • प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन: सागर, उज्जैन, सीहोर, सतना, रायसेन और विदिशा समेत कई जिलों से इस नीति के खिलाफ आवाजें उठ रही हैं। उज्जैन में छात्राओं को सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराना पड़ा।
  • छात्राओं की पढ़ाई पर असर: परिवहन और सुरक्षा साधनों के अभाव में दूरी बढ़ने के कारण ग्रामीण बेटियों को पढ़ाई बीच में ही छोड़ने (ड्रॉपआउट) के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
  • शिक्षकों की कमी व जर्जर भवन: सरकार बुनियादी समस्याओं की अनदेखी कर रही है। स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली हैं, भवन जर्जर हैं और पेयजल व शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।

मामले का संक्षिप्त विवरण

  • विषय: मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों के मर्जर और शिक्षा व्यवस्था पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का बयान।
  • मुख्य मांग: स्कूल मर्जर प्रक्रिया पर तत्काल रोक, नियमों का पालन, शिक्षकों के खाली पदों पर त्वरित भर्ती और जर्जर भवनों की प्राथमिकता से मरम्मत।
  • प्रभावित क्षेत्र: सागर, उज्जैन, सतना, सीहोर, रायसेन, विदिशा सहित प्रदेश के ग्रामीण इलाके।
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