सीधी में बेटी माधवी के स्लोगन पर मुग्ध हुए कलेक्टर विकास मिश्रा: मंच पर ही उतारकर गिफ्ट कर दी अपनी कलाई घड़ी; साथ मिलकर लगाया ‘मां के नाम एक पेड़’

सीधी, मध्य प्रदेश: विंध्य अंचल के सीधी जिले से विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) के मौके पर एक बेहद खूबसूरत, भावुक और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। ग्राम पंचायत खोखरा में आयोजित जिला स्तरीय पर्यावरण और जन-जागरूकता कार्यक्रम के दौरान एक साधारण ग्रामीण परिवेश की छात्रा माधवी साकेत ने मंच से पर्यावरण संरक्षण पर ऐसा दमदार और दिल छू लेने वाला स्लोगन (नारा) सुनाया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कलेक्टर विकास मिश्रा भावविभोर हो गए। उन्होंने बिना पल गंवाए मंच पर ही अपनी कलाई से अपनी कीमती घड़ी उतारी और बेटी माधवी को उपहार स्वरूप पहना दी।

प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और गजब के आत्मविश्वास ने जीता सबका दिल

खोखरा गांव में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में पर्यावरण को जन-आंदोलन बनाने की मुहिम चल रही थी:

  • गूंजी माधवी की आवाज: जब मंच पर छात्रा माधवी साकेत को अपनी बात रखने का मौका मिला, तो उसकी प्रस्तुति में प्रकृति के प्रति गहरी संवेदनशीलता, गजब का आत्मविश्वास और पर्यावरण को लेकर जागरूकता का ऐसा अद्भुत तालमेल दिखा कि पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
  • कलेक्टर का अनूठा सम्मान: माधवी के इस संदेश से प्रभावित होकर कलेक्टर विकास मिश्रा ने बेटी का हौसला बढ़ाने के लिए अपनी कलाई घड़ी उसे गिफ्ट की। मौके पर मौजूद जिला पंचायत सदस्य हीराबाई सिंह ने आगे बढ़कर छात्रा की कलाई में वह घड़ी पहनाई, जिससे वहां मौजूद हर शख्स की आंखें खुशी से छलक आईं।

कलेक्टर और छात्रा ने साथ मिलकर रोपा ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’

इस अनूठे सम्मान के तुरंत बाद कलेक्टर विकास मिश्रा और छात्रा माधवी साकेत ने एक साथ मिलकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान के तहत पौधरोपण किया। इस दौरान माधवी ने न सिर्फ पौधा लगाया, बल्कि उस नन्हें पौधे को एक विशाल वृक्ष बनने तक उसकी सुरक्षा, सिंचाई और नियमित देखभाल करने की पूरी जिम्मेदारी का संकल्प भी लिया।

“जल, जंगल और जमीन का संरक्षण ही हमारे भविष्य की आधारशिला” — कलेक्टर

समारोह को संबोधित करते हुए कलेक्टर विकास मिश्रा ने एक बेहद गंभीर और जरूरी संदेश दिया:

“पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक दिन (5 जून) का आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन की निरंतर आवश्यकता है। जल, जंगल और जमीन का संरक्षण ही हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है। बच्चों के माध्यम से समाज में इस चेतना को और अधिक प्रभावी ढंग से फैलाया जा सकता है।”

मेधावी छात्रों और पेंटिंग हीरोज का हुआ भव्य सम्मान

इस भव्य जन-जागरूकता कार्यक्रम में गांव और अंचल की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का हौसला दिया गया:

  • बोर्ड टॉपर्स का सम्मान: कार्यक्रम के दौरान कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में खोखरा और आस-पास के क्षेत्रों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को मंच से मुख्य अतिथियों द्वारा मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
  • रंगों से सजी हरित धरा: पेंटिंग और ड्राइंग प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए स्वच्छ जल, नदियों के संरक्षण, जैव विविधता और हरित पर्यावरण के महत्व को कैनवास पर जीवंत रूप में उतारा। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों को सांत्वना पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।

ये रहे मुख्य रूप से उपस्थित:

इस ऐतिहासिक ग्रामीण चौपाल और पर्यावरण उत्सव में जिला पंचायत सदस्य हीराबाई सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इसके साथ ही कुसमी एसडीएम (SDM) शैलेश द्विवेदी, जनपद पंचायत के सीईओ ज्ञानेंद्र मिश्रा सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और ग्रामीण जन मौजूद रहे।

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