भटनवारा (सतना): आधुनिकता और डिजिटल चकाचौंध के इस दौर में जहां हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विधाएं और परंपराएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं, वहीं मां कालिका की पावन नगरी भटनवारा में आज भी सनातन संस्कृति की जड़ें बेहद मजबूत हैं। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी भटनवारा में भव्य रामलीला महोत्सव का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास के साथ किया जा रहा है।

इस पावन आयोजन को दिव्य और अलौकिक बनाने के लिए साक्षात प्रभु श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूटधाम से उच्च कोटि के कलाकार पधारे हुए हैं। पूरी रामलीला का मंचन हनुमान जी, भगवान बासुदेव एवं शनि महाराज जी के दिव्य सानिध्य में संपन्न हो रहा है, जिसे देखने के लिए न केवल भटनवारा बल्कि आसपास के तमाम ग्रामीण अंचलों से भारी संख्या में श्रद्धालु और भक्तगण रोजाना पहुंच रहे हैं। पूरा क्षेत्र इस समय ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गुंजायमान है।
विलुप्त होती विधा को बचाने का अनूठा प्रयास
स्थानीय प्रबुद्ध जनों का मानना है कि रामलीला हमारी एक बेहद प्राचीन विधा है, जो आज के समय में कहीं न कहीं सिमटती जा रही है। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़े रखने और इस जीवंत परंपरा को बचाए रखने के लिए ऐसे आयोजन आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत हैं। भटनवारा ग्रामीणों का यह सामूहिक प्रयास वाकई सराहनीय है।
धार्मिक कार्यों के स्तम्भ बने सत्यनारायण विश्वकर्मा
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में गांव के वरिष्ठ समाजसेवी श्री सत्यनारायण विश्वकर्मा जी का अतुलनीय और विशेष योगदान रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, सत्यनारायण जी न केवल रामलीला बल्कि गांव में होने वाले हर धार्मिक व सामाजिक अनुष्ठानों के मुख्य आधार स्तंभ हैं। चाहे श्रीमद्भागवत कथा हो, अखंड रामायण पाठ हो या फिर श्री रामचरितमानस गान— हर धार्मिक कार्य में उनकी सक्रियता और समर्पण देखते ही बनता है। पूरा गांव उनके इस धार्मिक सेवा भाव की मुक्त कंठ से सराहना कर रहा है।

क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति
रामलीला के इस सफल मंचन और व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने में भटनवारा के वर्तमान सरपंच सहित तमाम वरिष्ठ नागरिक और युवा कंधे से कंधा मिलाकर अपनी सहभागिता निभा रहे हैं। आयोजन में मुख्य रूप से:
- श्री राजकुमार यादव जी (सरपंच)
- अन्नू भैया
- डॉ संतोष विश्वकर्मा
- श्री राजकिशोर विश्वकर्मा
- श्री लक्ष्मी विश्वकर्मा
- श्री राजन गुप्ता
- श्री भरत गुप्ता
- श्री गजाधर प्रसाद गुप्ता
- श्री लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता
- श्री मिथलेश विश्वकर्मा
सहित समस्त ग्रामवासी और आयोजन समिति के सदस्य दिन-रात सेवा में जुटे हुए हैं।






