शहडोल/ब्योहारी: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस रीवा की एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई सामने आई है। ब्योहारी तहसील कार्यालय में पदस्थ एक खंड लेखापाल (Block Accountant) को पीड़ित मकान मालिक से एसडीएम (SDM) कोर्ट से पक्ष में आदेश कराने के नाम पर 75 हजार रुपये की मोटी घूस लेते हुए रंगे हाथों (Red-Handed) गिरफ्तार किया गया है। लोकायुक्त की इस अचानक हुई घेराबंदी से तहसील परिसर सहित पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।

किराए की दुकान खाली कराने के विवाद में घूसखोरी का खेल
यह पूरी कार्रवाई बाणसागर देवलौंद के रहने वाले पीड़ित रमेश रजक की लिखित शिकायत पर की गई है:
- दुकान का विवाद: रमेश रजक की एक दुकान वर्ष 2017 से किराए पर उठी हुई थी, जिसे खाली कराने को लेकर उनका किराएदार से लंबे समय से विवाद चल रहा था। विवाद बढ़ने पर मामला पुलिस और फिर तहसील न्यायालय से होते हुए ब्योहारी एसडीएम (SDM) कोर्ट तक पहुंच गया।
- लेखापाल की सौदेबाजी: इसी दौरान ब्योहारी अनुविभागीय अधिकारी (SDM) कार्यालय में पदस्थ खंड लेखापाल लल्लू प्रसाद प्रजापति ने पीड़ित रमेश रजक से संपर्क साधा। लेखापाल ने धौंस देते हुए कहा कि यदि वे पैसे देंगे, तो वह एसडीएम से उनके पक्ष में फैसला करवा देगा, और यदि पैसे नहीं दिए, तो आदेश उनके खिलाफ करवा दिया जाएगा।
एक लाख से शुरू हुई डील, 75 हजार रुपये पर तय हुआ सौदा
शातिर लेखापाल ने एसडीएम के नाम पर पीड़ित को डराकर शुरुआत में एक लाख रुपये की डिमांड की थी। काफी मिन्नतें करने के बाद आरोपी लेखापाल 75 हजार रुपये लेने पर राजी हुआ। पीड़ित रमेश रजक रिश्वतखोर सरकारी कर्मचारी के आगे झुकने के बजाय सीधे लोकायुक्त रीवा के दफ्तर पहुंचे और मामले की गोपनीय शिकायत दर्ज करा दी।
लोकायुक्त की 12 सदस्यीय टीम ने जाल बिछाकर फोटोकॉपी दुकान के पास दबोचा
महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में शिकायत का सत्यापन (Verification) कराया गया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि सही पाई गई। इसके बाद लोकायुक्त ने फुलप्रूफ प्लानिंग की:
- रंगे हाथों ट्रैप: मंगलवार को उप पुलिस अधीक्षक (DSP) प्रवीण सिंह परिहार के नेतृत्व में लोकायुक्त की 12 सदस्यीय विशेष टीम ब्योहारी पहुंची।
- केमिकल टेस्ट में खुले राज: जैसे ही रमेश रजक ने अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय के बाहर स्थित एक फोटोकॉपी दुकान के पास आरोपी लेखापाल लल्लू प्रसाद प्रजापति को केमिकल लगे 75 हजार रुपये थमाए, वैसे ही सादे कपड़ों में तैनात लोकायुक्त की टीम ने उसे चारों तरफ से घेरकर रंगे हाथों दबोच लिया। बाद में जब आरोपी के हाथ धुलवाए गए, तो नोटों में लगा केमिकल के कारण उसके हाथ गुलाबी हो गए।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज; 15 दिन में दूसरा बड़ा कांड
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी खंड लेखापाल लल्लू प्रसाद प्रजापति के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा-7 के तहत गंभीर अपराध दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, ब्योहारी क्षेत्र में पिछले 15 दिनों के भीतर रिश्वतखोरी का यह दूसरा बड़ा मामला है, जिसने सरकारी दफ्तरों की कार्यप्रणाली और जनता के काम के बदले होने वाली अवैध वसूली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






