बड़वानी, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले से एक ऐसा खौफनाक और दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है, जिसे अपराधियों ने बड़ी चालाकी से ‘आत्महत्या’ का रूप देने की कोशिश की थी। लेकिन कहते हैं न कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कोई न कोई सुराग छोड़ ही जाता है। यहाँ एक लाल रंग के गमछे ने उस मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश कर दिया, जिसे पुलिस शुरुआती जांच में सुसाइड मान रही थी। सिलावद पुलिस ने इस खूनी खेल में शामिल तीन नाबालिगों समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

खाई में पेड़ से लटकी मिली थी लाश
यह पूरी वारदात सिलावद थाना क्षेत्र की है। थाना प्रभारी आरके लोवंशी के अनुसार, पोखलिया गांव के रहने वाले 40 वर्षीय गंगाराम भुगवाड़े की लाश 7 मई को एक गहरी खाई में पेड़ से लटकी हुई मिली थी। मौके के हालात देखकर पहली नजर में ऐसा लगा कि गंगाराम ने फांसी लगाकर खुदकुशी की है। लेकिन जब परिजनों ने शव को देखा, तो उनके होश उड़ गए और यहीं से कहानी पलट गई।
सफेद लेकर निकले थे, लाल गमछे से लटके मिले!
गंगाराम के गले में जो फंदा था, उसका रंग लाल था। परिजनों ने तुरंत पुलिस को बताया कि गंगाराम जब घर से निकले थे, तो उनके पास सफेद रंग का गमछा था। फिर मौत के वक्त उनके गले में लाल गमछा कहाँ से आया? बस, गमछे के रंग का यही बदलाव पुलिस के लिए टर्निंग पॉइंट बन गया और मर्डर की आशंका को देखते हुए एक स्पेशल टीम गठित की गई।
सड़क हादसे से शुरू हुआ मौत का तांडव
पुलिस जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए।
- बाइक की टक्कर: घटना वाले दिन गंगाराम अपनी ससुराल चारणखेड़ा से बाइक पर लौट रहे थे। रास्ते में केली गांव के पास उनकी बाइक सामने से आ रहे रितेश नाम के युवक की बाइक से टकरा गई। हादसे में रितेश बेहोश हो गया।
- भीड़ ने घेरा: एक्सीडेंट की आवाज सुनकर रितेश के ससुराल वाले और गांव के लोग लाठी-डंडे लेकर आ गए। वे गंगाराम को पीटने दौड़े।
- खाई में छिपे: जान बचाने के लिए गंगाराम भागकर पास की एक गहरी खाई में छिप गए।
पहले पथराव किया, फिर पेड़ पर चढ़ाकर दे दिया धक्का
गुस्साई भीड़ गंगाराम को ढूंढते हुए खाई तक पहुँच गई। करीब 10 लोगों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया।
- जान बचाने पेड़ पर चढ़े: भीड़ से बचने के लिए गंगाराम जान की भीख मांगते हुए एक ऊंचे पेड़ पर चढ़ गए। नीचे खड़ी भीड़ उन पर लगातार पथराव कर रही थी।
- नाबालिग ने खींचा फंदा: इसी बीच भीड़ में शामिल एक नाबालिग आरोपी पेड़ पर चढ़ा। उसने अपने गले से लाल रंग का गमछा निकाला, उसका एक सिरा गंगाराम के गले में बांधा और दूसरा सिरा पेड़ की डाल से बांध दिया।
- धक्का देकर मार डाला: फंदा कसने के बाद आरोपी ने गंगाराम को बेरहमी से पेड़ से नीचे धक्का दे दिया। हवा में लटकने के कारण दम घुटने से गंगाराम की तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
पुलिस का बड़ा एक्शन, 4 गिरफ्तार, कई अब भी फरार
“गमछे के कलर ने इस अंधे कत्ल को सुलझा दिया, अन्यथा शुरुआती दौर में इसे सिर्फ एक आत्महत्या माना जा रहा था।” — आरके लोवंशी, थाना प्रभारी
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डोंगरगांव निवासी राजू बारेला और तीन नाबालिगों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा। इस वारदात में शामिल आधा दर्जन से अधिक अन्य आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है।





