जबलपुर |जबलपुर के बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे से ठीक पहले का एक दिल दहला देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। महज 35 सेकंड के इस वीडियो में मौत को बेहद करीब देख रहे यात्रियों की चीख-पुकार और बेबसी साफ दिखाई दे रही है। वीडियो में क्रूज के लोअर केबिन डेक के अंदर पानी भरता नजर आ रहा है और यात्री खुद कह रहा है कि— “हमारी नाव डूब जाएगी।” इस वीडियो के सामने आने के बाद अब क्रूज प्रबंधन की गंभीर लापरवाहियों पर सवाल और बड़े हो गए हैं।

मुख्य बिंदु
- लाइव खौफ: वीडियो बना रहा यात्री कह रहा है- “बहुत भयानक तूफान है और खतरनाक लहरों के साथ पानी आ रहा है, हमारी नाव पूरी डूब रही है।”
- चीख-पुकार: बैकग्राउंड में बच्चों के बिलखने की आवाजें आ रही हैं, जबकि एक महिला उन्हें ढांढस बंधाने के लिए कह रही है कि क्रूज को हिलाया जा रहा है।
- अदालती शिकंजा: हादसे को लेकर हाई कोर्ट में दो याचिकाएं दायर हो चुकी हैं, जबकि तीन अन्य याचिकाएं जल्द ही दाखिल होने वाली हैं।
- पुलिस की ढिलाई: जिला न्यायालय के ‘दो दिन में एफआईआर’ के आदेश के बाद पुलिस ने मर्ग जांच और सरकारी कमेटी का हवाला देकर कोर्ट से और वक्त मांगा है।
यात्रियों को पहले ही हो गया था अनहोनी का अहसास
वायरल वीडियो से साफ है कि क्रूज पर सवार लोग हादसे से पहले ही खतरे को पूरी तरह भांप चुके थे। लोअर डेक में पानी भरने और तेज तूफान के बावजूद क्रूज को सुरक्षित किनारे पर क्यों नहीं लगाया गया, यह सबसे बड़ा सवाल है। जांच कमेटी के सामने पीड़ितों ने जो बयान दर्ज कराए हैं, उनमें भी क्रूज संचालन में बरती गई भारी लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की बात सामने आई है।
कानूनी पेंच: एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस ने मांगा वक्त
जिला अदालत ने मामले का संज्ञान लेते हुए क्रूज पायलट और जिम्मेदार सदस्यों के खिलाफ दो दिनों के भीतर एफआईआर दर्ज करने के सख्त निर्देश दिए थे। हालांकि, पुलिस ने कोर्ट में आवेदन देकर और समय मांगा है। पुलिस का तर्क है कि:
- मृतकों की मर्ग जांच अभी अलग-अलग स्तर पर चल रही है।
- राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय जांच कमेटी की रिपोर्ट आना अभी बाकी है।
पीड़ितों के बयान खोल रहे पोल
एसडीएम द्वारा हादसे में सुरक्षित बचे यात्रियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। चश्मदीदों के बयानों से स्पष्ट है कि आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए क्रूज पर न तो पुख्ता इंतजाम थे और न ही लाइफ जैकेट जैसी प्राथमिक सुरक्षा सामग्रियां सही ढंग से बांटी गई थीं।
खबर का सारांश
- घटनास्थल: बरगी बांध (जबलपुर)।
- नया साक्ष्य: 35 सेकंड का लाइव वीडियो, जिसमें लोअर डेक में पानी भरता दिख रहा है।
- न्यायिक स्थिति: हाई कोर्ट में 2 याचिकाएं दायर, पुलिस द्वारा जांच हेतु अतिरिक्त समय की मांग।
- जांच अधिकारी: एसडीएम जबलपुर द्वारा पीड़ितों के बयानों की दर्जिंग जारी।







