मैहर, मध्य प्रदेश: नीट (NEET) परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले को लेकर देशव्यापी गुस्से के बीच मैहर में युवा कांग्रेस द्वारा किया जा रहा एक बड़ा विरोध प्रदर्शन पुलिस की मुस्तैदी से विफल हो गया। युवा कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन पहुंचकर रेल रोकने जा रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने स्टेशन से पहले ही बैरिकेडिंग कर रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष सहित 20 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया।

मैहर आगमन पर हुआ ‘युवा संवाद’, फिर स्टेशन की ओर कूच
प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद यश घनघोरिया का पहली बार मैहर आगमन हुआ था, जिसे लेकर कांग्रेसी खेमे में भारी उत्साह था:
- विशाल युवा संवाद: युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सौरभ लल्ला शर्मा के नेतृत्व में शहर के ‘3 KNOT’ होटल में एक विशाल युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें जिलेभर से बड़ी संख्या में युवा पदाधिकारी और समर्थक जुटे।
- उठे रोजगार और शिक्षा के मुद्दे: संवाद के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने युवाओं को संबोधित करते हुए देश में रोजगार, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता के अभाव पर चिंता जताई।
पुलिस की चक्रव्यूह में फंसे प्रदर्शनकारी, रास्ते में ही रोके गए
युवा संवाद खत्म होते ही सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर नीट पेपर लीक के विरोध में रेल चक्का जाम करने के लिए रेलवे स्टेशन की तरफ बढ़े। लेकिन पुलिस प्रशासन पहले से ही अलर्ट पर था:
- भारी पुलिस बल तैनात: खुफिया इनपुट के आधार पर रेलवे स्टेशन और उसके आस-पास के रास्तों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था और मजबूत बैरिकेडिंग की गई थी।
- तीखी नोकझोंक और गिरफ्तारी: जैसे ही प्रदर्शनकारियों का हुजूम स्टेशन की ओर बढ़ा, पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। आगे बढ़ने की जिद को लेकर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। आखिरकार कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस ने करीब 20 से ज्यादा नेताओं को हिरासत में ले लिया।

नेताओं का आरोप— “आवाज दबा रही सरकार”, प्रशासन बोला— “कानून सर्वोपरि”
इस बड़ी राजनीतिक उठापटक के बाद दोनों पक्षों की तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं:
- युवा कांग्रेस का आरोप: कांग्रेस नेताओं ने सीधे तौर पर भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार युवाओं और छात्रों के हक की आवाज को पुलिस के दम पर दबाने का प्रयास कर रही है। नीट घोटाले के खिलाफ उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
- प्रशासन का पक्ष: वहीं पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का साफ कहना है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने और रेल यातायात (यात्रियों की सुरक्षा) को बाधित करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। इसी वजह से यह एहतियातन कार्रवाई की गई है। इस घटना के बाद से मैहर की राजनीति में गरमाहट आ गई है।






