Sign In
/
/
उज्जैन खड़े हनुमान मंदिर विवाद में पूर्व सीएम उमा भारती की एंट्री: मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिख भोपाल की मस्जिद का दिया उदाहरण; कहा— ‘आस्था से समझौता किए बिना बदलें सड़क का प्लान’

उज्जैन खड़े हनुमान मंदिर विवाद में पूर्व सीएम उमा भारती की एंट्री: मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिख भोपाल की मस्जिद का दिया उदाहरण; कहा— ‘आस्था से समझौता किए बिना बदलें सड़क का प्लान’

[inb_subtitle]

विज्ञापन

प्रांशु विश्वकर्मा

Published On: Sep 12, 2026, 11:20 AM IST

Updated On: Sep 12, 2026, 11:20 AM IST

🔗 Link Copied!
🔗 Link Copied!
उज्जैन/भोपाल: उज्जैन में सिंहस्थ-2028 और सड़क चौड़ीकरण की जद में आए अति प्राचीन ‘खड़े हनुमान मंदिर’ की प्रतिमा को विस्थापित करने का मुद्दा अब मध्य प्रदेश की सियासत में गर्मा गया है। श्रद्धालुओं, संतों और हिंदूवादी संगठनों के विरोध के बीच पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती ने सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। उमा भारती ने अपने पत्र में धार्मिक आस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के बीच संतुलन बनाने की अपील करते हुए सुझाव दिया है कि मंदिर को हटाने के बजाय सड़क का डिजाइन व प्लान बदल दिया जाए।
पूर्व सीएम उमा भारती मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिख

‘उज्जैन के होने के नाते मोहन यादव बेहतर समझते हैं गरिमा’

पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने पत्र में लिखा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं उज्जैन (उज्जयिनी) के निवासी हैं, इसलिए अवंतिका नगरी के पौराणिक एवं धार्मिक स्थलों की गरिमा और श्रद्धालुओं की भावनाओं को उनसे बेहतर कोई नहीं समझ सकता। उन्होंने कहा कि विकास कार्य बेहद जरूरी हैं, लेकिन जनआस्था और ऐतिहासिक धरोहरों को क्षति पहुंचाए बिना भी बीच का रास्ता निकाला जा सकता है।

पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल का दिया उदाहरण

अपने सुझाव को मजबूती देते हुए उमा भारती ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल के दौरान भोपाल में हुए एक प्रशासनिक फैसले का संदर्भ दिया:
  • भोपाल मस्जिद मामला: उन्होंने बताया कि भोपाल में कमलापति पार्क के सामने सड़क चौड़ीकरण के दौरान मार्ग में एक पुरानी मस्जिद आ रही थी।
  • प्लान में बदलाव: तब सरकार ने धार्मिक संवेदनशीलता और आस्था का सम्मान करते हुए धार्मिक स्थल को हटाने के बजाय सड़क का पूरा प्लान बदल दिया था और वैकल्पिक मार्ग से निर्माण कराया था।
  • उज्जैन में भी वही मॉडल: उमा भारती ने अपील की कि भाजपा सरकारें विकास और आस्था दोनों का सम्मान करती हैं, इसलिए उज्जैन में भी भोपाल मॉडल की तर्ज पर सड़क का नक्शा बदलकर खड़े हनुमान मंदिर को उसी स्थान पर सुरक्षित रखा जाए।

उमा भारती के पत्र और विवाद का मुख्य बिंदु

विवरण जानकारी
पत्र लिखने वाली उमा भारती (पूर्व मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश)
प्राप्तकर्ता डॉ. मोहन यादव (मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश)
मुख्य विषय उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर को विस्थापित न कर संरक्षण की मांग
दिया गया उदाहरण भोपाल कमलापति पार्क के पास सड़क चौड़ीकरण में मस्जिद का प्लान बदलना
मुख्य संदेश विकास और धार्मिक आस्था में संतुलन बनाकर वैकल्पिक मार्ग बनाया जाए

क्या है खड़े हनुमान मंदिर का मामला?

उज्जैन के कंठाल चौराहा से छत्री चौक/बड़ा सराफा मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के तहत करीब 170 साल पुरानी एवं परमारकालीन बेसाल्ट पत्थर से बनी 8 फीट ऊंची खड़े हनुमान जी की प्रतिमा को शिफ्ट करने का प्रयास चल रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर 5 दिनों तक भारी मशीनों और क्रेन की मदद से प्रयास किए जाने के बावजूद प्रतिमा टस से मस नहीं हुई। जिसके बाद संतों और श्रद्धालुओं ने इसे ईश्वरीय चमत्कार मानते हुए मंदिर को उसी स्थान पर यथावत रखने की मांग तेज कर दी है। अब उमा भारती के इस पत्र के बाद शासन और जिला प्रशासन पर नया दबाव बन गया है।
होम
MP ब्रेकिंग
Join करें
Join करें
मेन्यू