मैहर: मैहर जिले की कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी जब अचानक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोरसरी के औचक निरीक्षण पर पहुंचीं, तो प्रशासनिक अधिकारी की जगह एक कड़क शिक्षिका की भूमिका में नजर आईं। उन्होंने कक्षा 9वीं और 10वीं के करीब 60 विद्यार्थियों की संयुक्त क्लास लेकर पढ़ाई के स्तर को परखा, लेकिन बच्चों के जवाब सुनकर कलेक्टर खुद हैरान और परेशान रह गईं। कलेक्टर ने विज्ञान और सामाजिक विज्ञान से जुड़े बुनियादी सवाल पूछे, लेकिन पूरी क्लास में 60 विद्यार्थियों में से एक भी छात्र सही और संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका।

खाद, संविधान और बायोलॉजिकल सेल पर खामोश रहे छात्र
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रों से बुनियादी सवाल पूछे:
-
शैक्षणिक सवाल: उन्होंने ‘खाद और उर्वरक में क्या अंतर है?’, ‘संविधान क्या है?’ और विज्ञान के ‘बायोलॉजिकल सेल (कोशिका)’ से संबंधित सवाल किए, लेकिन छात्र उत्तर नहीं दे पाए।
-
कलेक्टर का काम: जब कलेक्टर ने पूछा कि ‘कलेक्टर कैसे बनते हैं और क्या काम करते हैं?’, तो एक छात्रा ने कहा कि “कलेक्टर स्कूल का निरीक्षण करती हैं और व्यवस्थाएं संभालती हैं।” इसके आगे के कार्यों पर बच्चे चुप रहे।
-
विराट कोहली बनने की इच्छा: पढ़ाई पूरी करने के बाद क्या बनना चाहते हैं, इस सवाल पर एक छात्र ने ‘विराट कोहली’ बनने की इच्छा जताई। जब कलेक्टर ने उससे भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों के नाम पूछे, तो छात्र ने सही जवाब दिए। इस पर कलेक्टर ने सीख दी कि “जिस तरह क्रिकेट में गहरी रुचि रखते हैं, उसी तरह पढ़ाई में भी दिल लगाकर मेहनत करें।”

शिक्षकों की लगाई क्लास; प्राचार्य और अतिथि शिक्षक को नोटिस
विद्यालय का निराशाजनक शैक्षणिक स्तर देखकर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी का पारा चढ़ गया। उन्होंने प्राचार्य को निर्देश देकर सभी शिक्षकों को बुलवाया और उनके पदीय दायित्वों व लापरवाही को लेकर जमकर क्लास लगाई।
-
कारण बताओ नोटिस: कलेक्टर ने विद्यालय के प्राचार्य ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह और राजनीति शास्त्र के अतिथि शिक्षक रामप्रकाश तिवारी को कारण बताओ (Show-Cause) नोटिस जारी करते हुए कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी।

राशन दुकान और आंगनवाड़ी का भी औचक निरीक्षण
स्कूल निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने गांव की उचित मूल्य दुकान (राशन दुकान) और आंगनवाड़ी केंद्र का भी जायजा लिया। उन्होंने राशन वितरण की स्थिति और बच्चों के पोषण आहार का मुआयना किया तथा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
कार्रवाई का संक्षिप्त विवरण
| विवरण | जानकारी |
| निरीक्षण स्थल | शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोरसरी (जिला मैहर) |
| निरीक्षणकर्ता | बिदिशा मुखर्जी (कलेक्टर, जिला मैहर) |
| कक्षा/छात्र | कक्षा 9वीं एवं 10वीं के लगभग 60 विद्यार्थी |
| मुख्य कमी | बेसिक साइंस, एग्रीकल्चर और सिविक्स के बुनियादी सवालों के उत्तर न दे पाना |
| प्रशासनिक कार्रवाई | प्राचार्य ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह एवं अतिथि शिक्षक रामप्रकाश तिवारी को कारण बताओ नोटिस |
शिक्षा व्यवस्था सुधारने का सख्त संदेश
मैहर कलेक्टर की इस कार्रवाई से जिले के शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि शासकीय स्कूलों में बच्चों के शैक्षणिक स्तर के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी लापरवाह शिक्षक व संस्था प्रमुख को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में जिले भर के स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण जारी रहेगा।










