सतना : मध्य प्रदेश के सतना जिले में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो (EOW) रीवा इकाई ने बड़ी कार्रवाई की है। सतना की सेवा सहकारी समिति अमकुई के तत्कालीन प्रभारी प्रबंधक सुरेंद्र प्रताप सिंह बघेल के खिलाफ भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के दो गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। ईओडब्ल्यू की जांच में आरोपी प्रबंधक के पास वैध आय से लगभग 426 प्रतिशत अधिक अनुपातहीन संपत्ति और भारी-भरकम खर्चों का खुलासा हुआ है।

जांच में हुआ 92 लाख से अधिक की संपत्ति और व्यय का खुलासा, आलीशान मकान व गाड़ियां बरामद
ईओडब्ल्यू द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी सुरेंद्र प्रताप सिंह बघेल की जनवरी 2017 से सितंबर 2025 तक की चेक पीरियड अवधि में कुल वैध आय महज 17 लाख 51 हजार 50 रुपये आंकी गई है, जबकि शुरुआती जांच में ही 57 लाख 68 हजार 622 रुपये का खर्च सामने आ चुका है। इसके अलावा, छापेमारी के दौरान 22.50 लाख के भूमि दस्तावेज, 11.97 लाख के स्वर्ण आभूषण, नागौद क्षेत्र में 2,200 वर्ग फीट का आलीशान पक्का मकान, दो लग्जरी कारें, ट्रैक्टर, बुलेट व अन्य वाहन बरामद किए गए हैं। आरोपी द्वारा दिल्ली में पढ़ रहे बेटे की पढ़ाई पर भी लाखों रुपये खर्च किए जाने का ब्योरा मिला है।
खाद वितरण और किसानों के नाम पर फर्जीवाड़ा, अधिक कीमत वसूलने का भी आरोप
जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2006 में विक्रेता के रूप में भर्ती हुए सुरेंद्र प्रताप सिंह को 2020 में प्रभारी प्रबंधक बनाया गया था। इस पद पर रहते हुए उसने खाद वितरण में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया। आरोपी ने शासन द्वारा निर्धारित यूरिया की दर (593 रुपये प्रति क्विंटल) की जगह किसानों से 600 रुपये वसूले और पीओएस मशीन में 194 किसानों का ब्योरा दर्ज कर 122 फर्जी किसानों के नाम पर खाद की कालाबाजारी की। ईओडब्ल्यू इस मामले में आगे की विस्तृत कानूनी जांच कर रही है।











