सतना : सतना के जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। अस्पताल में पिछले 7 दिनों से शुगर (डायबिटीज) और गैस की दो सबसे महत्वपूर्ण दवाएं— मेटफॉर्मिन और रेनिटिडिन पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं। दूर-दराज के ग्रामीण और शहरी इलाकों से ओपीडी (OPD) में आने वाले सैकड़ों मरीज रोजाना बिना दवा लिए खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। स्थिति इतनी नाजुक है कि इन दवाओं के बैकअप (विकल्प) के रूप में दी जाने वाली अन्य गोलियां भी अब खत्म होने की कगार पर पहुंच गई हैं।

निगम से सप्लाई ठप, मासिक खपत 1 लाख टैबलेट से ज्यादा
अस्पताल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विस कॉर्पोरेशन (MPPHSC) से नियमित सप्लाई न मिलने के कारण यह संकट पैदा हुआ है। जिला अस्पताल में मेटफॉर्मिन की मासिक खपत लगभग 1 लाख टैबलेट है। अस्पताल में मेटफॉर्मिन की आखिरी खेप 7 अप्रैल को (1.50 लाख टैबलेट) और रेनिटिडिन की खेप 20 मार्च को (1 लाख टैबलेट) आई थी। लंबे समय से नई खेप न आने और मरीजों की भारी संख्या के कारण अस्पताल का स्टॉक पूरी तरह खाली हो गया है।
2.70 लाख मेटफॉर्मिन और 2.30 लाख रेनिटिडिन का भेजा गया था इंडेंट
दवाओं के संकट को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने 31 अगस्त और 1 सितंबर को कॉर्पोरेशन को कुल 2.70 लाख मेटफॉर्मिन और 2.30 लाख रेनिटिडिन टैबलेट का नया इंडेंट (ऑर्डर) भेजा था। हालांकि, हफ्तों बीत जाने के बाद भी भोपाल से सप्लाई नहीं पहुंची है। अस्पताल में रोजाना आने वाले डायबिटीज और पेट की बीमारियों से पीड़ित गरीब मरीजों को मजबूरन निजी मेडिकल स्टोरों से महंगे दामों पर दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
सिविल सर्जन बोले- रिमाइंडर भेजे गए, जल्द सप्लाई की उम्मीद
मामले में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह ने बताया कि कॉर्पोरेशन को लगातार रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं। राज्य स्तर पर बात की गई है और उम्मीद है कि एक-दो दिनों के भीतर दवाओं की नई सप्लाई अस्पताल को प्राप्त हो जाएगी, जिससे मरीजों को राहत मिलेगी।










