गुवाहाटी/मुंबई : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के को-कन्वीनर आशुतोष रांका को असम पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने असम सरकार और पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सीधा ऐलान किया है कि वे सोमवार सुबह असम पहुंच रहे हैं और पुलिस चाहे तो उन्हें एयरपोर्ट से ही गिरफ्तार कर सकती है। वहीं दूसरी ओर, मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से प्रस्तावित CJP के प्रदर्शन को मुंबई पुलिस ने अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है।
गुवाहाटी में समर्थकों से मुलाकात से पहले हिरासत में लिए गए रांका
प्राप्त जानकारी के अनुसार, CJP के को-कन्वीनर आशुतोष रांका पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से मुलाकात के सिलसिले में गुवाहाटी पहुंचे थे। संगठन का आरोप है कि बैठक शुरू होने से पहले ही असम पुलिस ने रांका और उनकी टीम के कई सदस्यों को हिरासत में ले लिया और किसी अज्ञात स्थान पर ले गई। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में रांका पुलिस वाहन में बैठे नजर आ रहे हैं, जिसमें वे आरोप लगा रहे हैं कि असम के सरकारी स्कूलों की बदहाली और काजीरंगा में स्थानीय लोगों के अधिकारों का मुद्दा उठाने से रोकने के लिए पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
दीपके का पलटवार: ‘जेल की धमकियों से नहीं झुकेंगे’
आशुतोष रांका की देर रात तक रिहाई न होने पर CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने कड़ा रुख अपनाया। दीपके ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे सोमवार सुबह गुवाहाटी की फ्लाइट ले रहे हैं। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा कि सीजेपी गिरफ्तारी या जेल की धमकियों के आगे नहीं झुकेगी और असम पुलिस उन्हें उतरते ही एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर सकती है।
मुंबई में 2 अक्टूबर के प्रदर्शन पर रोक, ‘जेल भरो आंदोलन’ की चेतावनी
असम विवाद के बीच CJP को मुंबई में भी बड़ा झटका लगा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) से शिवाजी पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से मुंबई पुलिस ने मना कर दिया है। पुलिस ने बॉम्बे हाई कोर्ट के 2013 के आदेश और सरकारी दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा है कि शिवाजी पार्क में राजनीतिक सभा की अनुमति देने का अधिकार पुलिस के पास नहीं है।
इस पर अभिजीत दीपके ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सवाल उठाया कि यदि नियमों के तहत शिवाजी पार्क में अनुमति नहीं मिलती, तो उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को वहां कार्यक्रम और भाषण करने की अनुमति कैसे दी गई थी। दीपके ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने उन्हें वैकल्पिक स्थान या प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी, तो पार्टी पूरे राज्य में ‘जेल भरो आंदोलन’ की शुरुआत करेगी।











