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Nuclear Power Plant के विरोध में कांग्रेस का डेरा डालो घेरा डालो आंदोलन जारी तीसरे दिन भी ग्रामीणों ने भरी हुंकार

Nuclear Power Plant के विरोध में कांग्रेस का डेरा डालो घेरा डालो आंदोलन जारी तीसरे दिन भी ग्रामीणों ने भरी हुंकार

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महफूज खान

Published On: Oct 31, 2026, 9:06 PM IST

Updated On: Oct 31, 2026, 9:06 PM IST

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रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में प्रस्तावित Nuclear Power Plant को लेकर विरोध तेज होता जा रहा है। मनगवां विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-73 के अंतर्गत ब्लॉक लालगांव की ग्राम पंचायत राझौही में प्रस्तावित परमाणु बिजली परियोजना के विरोध में कांग्रेस पार्टी का ‘डेरा डालो-घेरा डालो’ आंदोलन लगातार जारी है। 26 अक्टूबर 2026 से शुरू हुआ अनिश्चितकालीन क्रमिक धरना 28 अक्टूबर को तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान कांग्रेस नेताओं, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट के खिलाफ विरोध दर्ज कराया और आंदोलन को लगातार जारी रखने का संकल्प लिया।

तीसरे दिन के धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व प्रदेश महामंत्री एवं सिरमौर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस नेता चक्रधर सिंह जवा ने किया। जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण रीवा के अध्यक्ष इंजीनियर राजेंद्र शर्मा और संगठन महासचिव एडवोकेट रवि तिवारी के निर्देशानुसार आयोजित इस आंदोलन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और ग्रामीण शामिल हुए।

धरना स्थल पर पहुंचे नेताओं एवं ग्रामीणों ने प्रस्तावित परियोजना के विरोध में अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों और चिंताओं पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

महात्मा गांधी और बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर शुरू हुआ धरना

आंदोलन के तीसरे दिन धरना कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। कांग्रेस नेता चक्रधर सिंह जवा के नेतृत्व में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दोनों महापुरुषों को नमन किया।

इसके बाद धरना स्थल पर प्रदर्शन शुरू हुआ। कांग्रेस नेताओं ने गांधी जी के सत्य, अहिंसा और जनआंदोलन के सिद्धांतों को याद करते हुए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का संकल्प व्यक्त किया।

इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में बड़ी परियोजना शुरू करने से पहले वहां रहने वाले लोगों की भावनाओं, जरूरतों और स्थानीय परिस्थितियों को समझना आवश्यक है। ग्रामीणों की भागीदारी और उनकी चिंताओं को नजरअंदाज कर विकास की योजनाओं को आगे बढ़ाना उचित नहीं है।

राझौही में प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर ग्रामीणों में विरोध

रीवा जिले के मनगवां विधानसभा क्षेत्र के लालगांव ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत राझौही में प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध सामने आ रहा है। कांग्रेस पार्टी ने ग्रामीणों के साथ मिलकर इस परियोजना के विरोध में अनिश्चितकालीन क्रमिक धरना शुरू किया है।

आंदोलनकारियों का कहना है कि क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में स्थानीय ग्रामीणों की राय और उनकी आशंकाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उनका विरोध प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर है और इसी मुद्दे पर वे लगातार धरना देकर अपनी मांगें उठा रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाते हुए कहा कि वे अपनी आवाज लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना चाहते हैं। आंदोलनकारियों ने यह भी संकल्प व्यक्त किया कि जब तक इस विषय पर उनकी चिंताओं का समाधान नहीं होता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

चक्रधर सिंह बोले- ग्रामीणों की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा

धरने का नेतृत्व कर रहे पूर्व प्रदेश महामंत्री एवं सिरमौर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस नेता चक्रधर सिंह जवा ने आंदोलन में शामिल ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एकजुटता को महत्वपूर्ण बताया। उनके नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के माध्यम से प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध को व्यापक रूप से सामने लाने का प्रयास किया गया।

चक्रधर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों के साथ समय बिताया और उनके विरोध को समर्थन दिया। उन्होंने आंदोलन को लगातार जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की भावनाओं और उनकी चिंताओं को सामने लाने का प्रयास है। पार्टी कार्यकर्ता ग्रामीणों के साथ मिलकर इस मुद्दे को आगे भी उठाते रहेंगे।

‘डेरा डालो-घेरा डालो’ आंदोलन से लामबंद हो रहे ग्रामीण

कांग्रेस पार्टी द्वारा शुरू किए गए ‘डेरा डालो-घेरा डालो’ आंदोलन के तहत धरना स्थल पर लगातार लोगों की भागीदारी देखने को मिल रही है। तीसरे दिन भी कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया।

धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने एकजुट होकर प्रस्तावित परियोजना के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाने की बात कही।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं और आशंकाओं को उचित मंच पर उठाना जरूरी है। क्षेत्र के लोगों की सहमति, उनकी सुरक्षा और भविष्य से जुड़े सवालों पर स्पष्टता होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से अनिश्चितकालीन क्रमिक धरना जारी रखा गया है।

कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

आंदोलन के तीसरे दिन आयोजित धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस संगठन के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारी, किसान कांग्रेस, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर लालगांव ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष वीरेंद्र पटेल, सिरमौर ब्लॉक किसान कांग्रेस अध्यक्ष संतोष सिंह, लालगांव मंडलम अध्यक्ष बीपी सिंह, जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव विवेकानंद तिवारी, क्योंटी मंडलम अध्यक्ष मनीष मिश्रा, सिरमौर युवक कांग्रेस अध्यक्ष अवनीश सिंह, विपिन द्विवेदी (रिमारी), किशोर तिवारी लाला, नीवा सरपंच अमरजीत कोल और रामू द्विवेदी (जनकहाई) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

इसके अलावा जिला महिला कांग्रेस उपाध्यक्ष राजदुलारी विश्वकर्मा, सितलहा मंडलम अध्यक्ष अवध सिंह, नगवा के सच्चिदानंद पांडे, भनिगवां के रामनेवाज कोल, जवा ब्लॉक युवक कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पेंद्र विश्वकर्मा, समशेर सिंह, जनकहाई के जागेंद्र द्विवेदी, अजय तिवारी, अरविंद द्विवेदी, रामा कोल, रामनिवास कोल और मोहम्मद शरीफ भी धरने में शामिल हुए।

महिला एवं आदिवासी समाज की ओर से मंती देवी आदिवासी, फूल कुमारी कोल, विटोल कुमारी कोल, कुसुम कली और गौरी देवी कोल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं भी मौजूद रहीं। वहीं राजाराम, नंदलाल और रामबदन कोल सहित अन्य ग्रामीणों ने भी धरना-प्रदर्शन में सहभागिता की।

आंदोलन जारी रखने का लिया संकल्प

प्रस्तावित Nuclear Power Plant के विरोध में शुरू हुआ कांग्रेस का अनिश्चितकालीन क्रमिक धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर मौजूद नेताओं और ग्रामीणों ने आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि स्थानीय लोगों की आवाज को मजबूती से उठाने के लिए पार्टी लगातार उनके साथ खड़ी रहेगी। वहीं ग्रामीणों ने भी आंदोलन में अपनी भागीदारी बनाए रखने की बात कही।

फिलहाल राझौही में प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर विरोध का सिलसिला जारी है। कांग्रेस के ‘डेरा डालो-घेरा डालो’ आंदोलन के माध्यम से इस मुद्दे को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। आने वाले दिनों में आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है, इस पर क्षेत्र के लोगों की नजर बनी हुई है।

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