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Satna जिले में 13 लाख रुपये का 83 क्विंटल लहसुन जब्त दो व्यापारियों पर मामला दर्ज

Satna जिले में 13 लाख रुपये का 83 क्विंटल लहसुन जब्त दो व्यापारियों पर मामला दर्ज

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महफूज खान

Published On: Nov 1, 2026, 2:14 PM IST

Updated On: Nov 1, 2026, 2:14 PM IST

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सतना: मध्य प्रदेश के Satna जिले में कृषि उपज मंडी के नियमों को दरकिनार कर कारोबार करने वाले व्यापारियों के खिलाफ मंडी बोर्ड ने बड़ी कार्रवाई की है। डेलौरा स्थित गांधी सब्जी बाजार में मंडी बोर्ड की टीम ने छापेमारी कर करीब 13 लाख रुपये कीमत का 83 क्विंटल लहसुन जब्त किया है। जांच के दौरान दो व्यापारियों को बिना वैध मंडी लाइसेंस के कारोबार करते हुए पाया गया। वहीं, कार्रवाई के दौरान एक अन्य दुकान बंद मिलने पर उसे भी सील कर दिया गया। मंडी प्रशासन की इस कार्रवाई से सब्जी मंडी में कारोबार करने वाले व्यापारियों के बीच हड़कंप मच गया है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कुछ व्यापारी मंडी के निर्धारित नियमों और लाइसेंस संबंधी प्रावधानों का पालन किए बिना लहसुन का कारोबार कर रहे थे। इतना ही नहीं, एक व्यापारी ने जांच के दौरान ऐसा मंडी पास प्रस्तुत किया, जो उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के लिए जारी किया गया था, जबकि संबंधित लहसुन सतना में ही रखा हुआ था और उसका व्यापार किया जा रहा था। मंडी अधिकारियों ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए जब्ती की कार्रवाई की।

गांधी सब्जी बाजार में मंडी बोर्ड की टीम ने दी दबिश

जानकारी के अनुसार, सतना के डेलौरा स्थित गांधी सब्जी बाजार में अवैध रूप से कारोबार किए जाने की जानकारी मिलने के बाद मंडी बोर्ड की टीम ने जांच अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने कामना ट्रेडर्स और चंदन ट्रेडर्स नामक दुकानों पर पहुंचकर दस्तावेजों की जांच की।

जांच के दौरान दोनों दुकानों में बड़ी मात्रा में लहसुन का भंडारण मिला। अधिकारियों ने व्यापारियों से मंडी लाइसेंस, माल के परिवहन से संबंधित दस्तावेज और खरीद-बिक्री के बिल मांगे। दस्तावेजों की पड़ताल में दोनों व्यापारियों के कारोबार में नियमों के उल्लंघन की जानकारी सामने आई।

इसके बाद मंडी अधिकारियों ने दोनों दुकानों से कुल 83 क्विंटल लहसुन जब्त कर लिया। जब्त किए गए लहसुन की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 13 लाख रुपये बताई गई है।

कामना ट्रेडर्स से 7.53 लाख रुपये का लहसुन जब्त

मंडी बोर्ड की टीम ने सबसे पहले कामना ट्रेडर्स की दुकान पर जांच की। दुकान के संचालक आनंद कुमार कुशवाहा बताए गए हैं। जांच के दौरान दुकान में 4,800 किलोग्राम यानी 48 क्विंटल लहसुन रखा हुआ मिला।

अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए लहसुन की अनुमानित कीमत करीब 7 लाख 53 हजार रुपये है। जांच के दौरान दुकान संचालक से कारोबार से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और मंडी लाइसेंस प्रस्तुत करने को कहा गया। लेकिन जांच में उसके पास वैध मंडी लाइसेंस नहीं होने की जानकारी सामने आई।

इसके बाद मंडी अधिकारियों ने नियमानुसार लहसुन को जब्त करने की कार्रवाई की। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद दस्तावेजों की भी जांच की, ताकि माल की खरीद और परिवहन से संबंधित पूरी जानकारी जुटाई जा सके।

प्रयागराज के नाम पर जारी पास से सतना में हो रहा था कारोबार

इस पूरी कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य मंडी पास से जुड़ा सामने आया। जांच के दौरान कामना ट्रेडर्स के संचालक ने सीहोर मंडी का एक पास अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किया। यह पास उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के लिए जारी किया गया था।

दस्तावेजों में लहसुन को प्रयागराज ले जाने के लिए दर्शाया गया था, लेकिन जांच के दौरान संबंधित माल सतना के गांधी सब्जी बाजार में ही रखा मिला। यहां उसका कारोबार किए जाने की जानकारी सामने आई।

मंडी अधिकारियों ने दस्तावेजों और मौके पर उपलब्ध माल का मिलान किया। प्रारंभिक जांच में पास में दर्शाए गए गंतव्य और वास्तविक स्थिति में अंतर पाया गया। अधिकारियों ने इसे मंडी नियमों के उल्लंघन से जुड़ा मामला मानते हुए कार्रवाई की।

इस मामले में अब यह भी महत्वपूर्ण होगा कि मंडी पास किस उद्देश्य से जारी किया गया था, माल का वास्तविक गंतव्य क्या था और परिवहन संबंधी दस्तावेजों का इस्तेमाल किस प्रकार किया गया। इन पहलुओं की जांच से पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

चंदन ट्रेडर्स से 5.49 लाख रुपये का लहसुन जब्त

कार्रवाई के दौरान मंडी बोर्ड की टीम ने चंदन ट्रेडर्स की दुकान पर भी जांच की। दुकान के संचालक चंदन कछवाहा बताए गए हैं। यहां जांच के दौरान 3,500 किलोग्राम यानी 35 क्विंटल लहसुन बरामद किया गया।

मंडी अधिकारियों के अनुसार, जब्त लहसुन की अनुमानित कीमत करीब 5 लाख 49 हजार रुपये है। दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि दुकान पर मंडी का वैध लाइसेंस उपलब्ध नहीं था और साधारण बिल के आधार पर कारोबार किया जा रहा था।

मंडी नियमों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने और लाइसेंस संबंधी अनियमितता पाए जाने के बाद अधिकारियों ने यहां भी जब्ती की कार्रवाई की।

इस प्रकार कामना ट्रेडर्स और चंदन ट्रेडर्स से कुल 83 क्विंटल लहसुन जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 13 लाख 2 हजार रुपये आंकी गई है।

तीसरी दुकान बंद मिलने पर प्रशासन ने किया सील

मंडी बोर्ड की टीम जब गांधी सब्जी बाजार में जांच अभियान चला रही थी, उसी दौरान एक तीसरी दुकान बंद मिली। अधिकारियों ने दुकान से संबंधित स्थिति की जांच की और इसके बाद प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए दुकान को सील कर दिया।

हालांकि, बंद दुकान के संबंध में विस्तृत जानकारी और वहां किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने का विवरण अभी सामने नहीं आया है। मंडी प्रशासन की ओर से दुकान को सील करने की कार्रवाई की गई है।

इस कार्रवाई के बाद बाजार में कारोबार करने वाले अन्य व्यापारियों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि मंडी प्रशासन आने वाले दिनों में अन्य दुकानों के लाइसेंस और व्यापार संबंधी दस्तावेजों की भी जांच कर सकता है।

दो व्यापारियों के खिलाफ न्यायालय में दर्ज होगा प्रकरण

मंडी प्रशासन ने बताया कि कामना ट्रेडर्स और चंदन ट्रेडर्स के संचालकों के खिलाफ नियमों के उल्लंघन के मामले में सतना न्यायालय में प्रकरण दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।

जब्त किए गए लहसुन और जांच के दौरान सामने आए दस्तावेजों को मामले की आगे की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किए जाने के बाद संबंधित व्यापारियों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा और नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

मंडी प्रशासन का कहना है कि कृषि उपज मंडी में कारोबार करने वाले प्रत्येक व्यापारी के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। वैध लाइसेंस के बिना कारोबार करना और माल के परिवहन से संबंधित दस्तावेजों में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

लापरवाही बरतने वाले मंडी निरीक्षकों को भी नोटिस

इस कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि मंडी प्रशासन ने केवल व्यापारियों तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने वाले मंडी निरीक्षकों को भी नोटिस जारी किए गए हैं।

मंडी प्रशासन की इस पहल से यह संकेत मिलता है कि बाजार में होने वाले कारोबार की निगरानी की जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।

यदि किसी क्षेत्र में बिना लाइसेंस कारोबार या नियमों के विपरीत माल का भंडारण हो रहा था और समय रहते इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों तक नहीं पहुंची, तो इसकी जवाबदेही तय करना भी आवश्यक है। इसी दिशा में मंडी निरीक्षकों से जवाब मांगा गया है।

SDM राहुल सिलाडिया के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई

गांधी सब्जी बाजार में की गई यह पूरी कार्रवाई एसडीएम राहुल सिलाडिया के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। अभियान में मंडी सचिव करुणेश तिवारी एवं उनकी टीम शामिल रही।

टीम ने मौके पर पहुंचकर दुकानों की जांच की, व्यापारियों से दस्तावेज मांगे और माल का सत्यापन किया। अनियमितताएं सामने आने के बाद दोनों दुकानों से लहसुन जब्त किया गया। इसके अलावा तीसरी दुकान को सील करने की कार्रवाई भी की गई।

प्रशासनिक स्तर पर इस अभियान को मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

मंडी में कारोबार करने वाले व्यापारियों को स्पष्ट संदेश

सतना के गांधी सब्जी बाजार में हुई इस कार्रवाई ने मंडी नियमों का पालन किए बिना कारोबार करने वाले व्यापारियों के सामने प्रशासन का सख्त रुख स्पष्ट कर दिया है। मंडी में कृषि उपज की खरीद-बिक्री, भंडारण और परिवहन के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी है।

विशेष रूप से मंडी लाइसेंस और परिवहन पास जैसे दस्तावेजों का सही इस्तेमाल करना व्यापारियों की जिम्मेदारी है। किसी दूसरे स्थान के लिए जारी दस्तावेजों के आधार पर अलग स्थान पर कारोबार किए जाने की स्थिति में संबंधित तथ्यों की जांच की जा सकती है।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद उम्मीद है कि मंडी क्षेत्र में लाइसेंस, बिल और परिवहन संबंधी दस्तावेजों की जांच और तेज होगी।

13 लाख का लहसुन जब्त, अब जांच के नतीजों पर नजर

Satna के डेलौरा स्थित गांधी सब्जी बाजार में मंडी बोर्ड की कार्रवाई के दौरान 83 क्विंटल लहसुन जब्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 13 लाख रुपये है। दो व्यापारियों के खिलाफ न्यायालय में प्रकरण दर्ज कराने की तैयारी है, जबकि एक अन्य दुकान को सील किया गया है।

इस मामले में प्रयागराज के लिए जारी मंडी पास का सतना में इस्तेमाल किए जाने का तथ्य जांच का अहम विषय बन गया है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि आगे की जांच में दस्तावेजों के संबंध में क्या तथ्य सामने आते हैं और संबंधित व्यापारियों के खिलाफ न्यायालय में क्या कार्रवाई होती है।

मंडी प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ है कि कृषि उपज मंडी में नियमों की अनदेखी कर कारोबार करने वालों के खिलाफ जांच और कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।

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