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देश की ब्यूरोक्रेसी में बड़े सुधार की तैयारी, केंद्र सरकार ने IAS-IPS और IFS अफसरों के लिए जारी की नई गाइडलाइन: लटकने वाली फाइलों और मैराथन बैठकों पर लगेगी लगाम; मुख्य सचिवों को लिखे पत्र

देश की ब्यूरोक्रेसी में बड़े सुधार की तैयारी, केंद्र सरकार ने IAS-IPS और IFS अफसरों के लिए जारी की नई गाइडलाइन: लटकने वाली फाइलों और मैराथन बैठकों पर लगेगी लगाम; मुख्य सचिवों को लिखे पत्र

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The Khabrilal

Published On: Jul 17, 2026, 8:36 PM IST

Updated On: Jul 17, 2026, 8:36 PM IST

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भोपाल: देश की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, चुस्त-दुरुस्त और जवाबदेह बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारियों की कार्यशैली में आमूलचूल बदलाव लाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक नई और सख्त गाइडलाइन जारी की गई है। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य सरकारी कामकाज में होने वाली लेत-लतीफी (प्रशासनिक विलंब) को पूरी तरह समाप्त करना और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाना है। इस संबंध में केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश सहित देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को विधिक पत्र भेजकर इन नियमों को तत्काल प्रभाव से मैदानी स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए हैं।

घंटों चलने वाली बैठकों का दौर होगा खत्म; हर बैठक का ठोस निष्कर्ष निकालना अनिवार्य

केंद्र सरकार की इस नई प्रशासनिक नियमावली की मुख्य कड़ियाँ इस प्रकार हैं:

  • समयबद्धता पर कड़ा पहरा: अमूमन सरकारी महकमों में बैठकें घंटों खिंचती हैं, लेकिन उनका कोई ठोस नतीजा नहीं निकलता। अब नई गाइडलाइन के तहत सभी शासकीय बैठकें अपने तय समय पर ही शुरू होंगी। बैठकों को बेवजह लंबा खींचने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अब हर बैठक का एक स्पष्ट और लिखित निष्कर्ष (Outcome) निकालना अनिवार्य होगा।
  • फाइलों के मूवमेंट में आएगी तेजी: प्रशासनिक दक्षता (Administrative Efficiency) को बढ़ाने के लिए फाइलों के निस्तारण को लेकर सख्त समय-सीमा तय की जा रही है। किसी भी नीतिगत फैसले या जनहित की योजना से जुड़ी फाइल को अकारण दबाकर रखने वाले अफसरों पर नजर रखी जाएगी, ताकि योजनाओं का लाभ जनता तक समय पर पहुंचे।

तनाव प्रबंधन और आत्ममंथन की नसीहत; मध्य प्रदेश में भी जल्द जारी होंगे कड़े निर्देश

अधिकारियों के व्यक्तिगत कार्य व्यवहार और कौशल विकास से जुड़ी कड़ियाँ नीचे दी गई हैं:

  1. मानसिक स्वास्थ्य और व्यवहार में बदलाव: नई गाइडलाइन में नौकरशाहों के मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन (Stress Management) पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। काम की गुणवत्ता को सुधारने के लिए अधिकारियों को अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलाव करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही उन्हें अपनी कार्यशैली का नियमित रूप से आत्ममंथन करने को कहा गया है ताकि वे स्वयं अपनी कमियों को दूर कर सकें।
  2. विषयगत ज्ञान के साथ व्यवहारिक कौशल: अब अफसरों को केवल विषयगत ज्ञान (Subject Training) तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उनमें व्यवहारिक प्रशासनिक कौशल विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। दिल्ली से जारी इस निर्देश के बाद मध्य प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में भी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश की मुख्य सचिव विंग जल्द ही मंत्रालय से लेकर जिला स्तर तक इसे अमलीजामा पहनाने के लिए कड़े विधिक दिशा-निर्देश जारी कर सकती है।

ब्यूरोक्रेसी सुधार का तार्किक ढांचा (Administrative Matrix)

  • प्रभावित प्रशासनिक संवर्ग: 3 अखिल भारतीय सेवाएं (IAS, IPS, IFS)।
  • मुख्य सुधार बिंदु (Core Reform Pillars): बैठकों की समयबद्धता, त्वरित फाइल मूवमेंट, तनाव प्रबंधन और व्यावहारिक कौशल विकास।
  • क्रियान्वयन स्तर: केंद्रीय सचिवालय से लेकर राज्य के जिला प्रशासन (कलेक्ट्रेट व पुलिस कप्तानी) तक।

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