हाईकोर्ट की फर्जी VC बनाकर अभद्र टिप्पणी करने वाले ‘प्रचंड प्रहार’ पेज के एडमिन को पुलिस ने दबोचा: सोशल मीडिया पर लाइक्स-फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए अमित तिवारी ने रचा था खेल; भेजा गया जेल


सिंगरौली/बैढ़न: सोशल मीडिया पर सस्ते प्रचार और लाइक्स-फॉलोअर्स बढ़ाने के चक्कर में न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले एक यूट्यूबर/क्रिएटर के खिलाफ सिंगरौली पुलिस ने एक बड़ी और कड़क विधिक कार्रवाई की है। माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर की फर्जी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) तैयार कर उसके माध्यम से न्यायालय के विरुद्ध अभद्र और अमर्यादित टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद आरोपी को विधिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने उसके कब्जे से अपराध में प्रयुक्त सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी जब्त कर लिए हैं।


फेसबुक और एक्स (ट्विटर) पर अपलोड किया था फर्जी वीडियो; खुद हाईकोर्ट ने लिया विधिक संज्ञान

इस हाई-प्रोफाइल डिजिटल धोखाधड़ी और गिरफ्तारी की विधिक कड़ियाँ इस प्रकार हैं:

  • क्या था मामला: पुलिस के आधिकारिक विलेखों के अनुसार, आरोपी अमित कुमार तिवारी (उम्र 26 वर्ष), निवासी पिपरा झांपी (सिंगरौली) ने तकनीकी हेरफेर कर जबलपुर हाईकोर्ट की लाइव विधिक सुनवाई का एक असत्य (फर्जी) वीडियो एडिट किया। इस वीडियो में उसने न्यायालय और जजों के प्रति अत्यंत आपत्तिजनक और अमर्यादित भाषा जोड़ दी।
  • ‘प्रचंड प्रहार’ पेज की लोकप्रियता का भूत: आरोपी अमित तिवारी ने इस फर्जी विलेख को अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘प्रचंड प्रहार’ के फेसबुक और एक्स (ट्विटर) अकाउंट से प्रसारित किया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने अपने पेज की टीआरपी और लोकप्रियता बढ़ाने के लालच में यह विधिक अपराध किया था।

जबलपुर सिविल लाइन में ‘जीरो’ पर दर्ज हुई FIR; बीएनएस और आईटी एक्ट की आधा दर्जन गंभीर धाराओं में विधिक घेराबंदी

माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर ने इस कृत्य का स्वयं कड़ा विधिक संज्ञान लेते हुए 6 जुलाई 2026 को आरोपी के खिलाफ त्वरित विधिक कार्रवाई के सख्त निर्देश जारी किए थे:

  1. धाराओं का विधिक जाल: उच्च न्यायालय के आदेश पर थाना सिविल लाइन, जबलपुर में ‘जीरो’ पर प्राथमिक विधिक प्रकरण दर्ज कर डायरी बैढ़न थाना ट्रांसफर की गई। बैढ़न पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 859/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(4), 353(2), 356(2), 319(2), 296 तथा आईटी एक्ट (IT Act) की धारा 67 के तहत गैर-जमानती धाराओं में मामला पंजीकृत किया।
  2. इन विधिक चेहरों की मुस्तैदी से हुई गिरफ्तारी: सिंगरौली पुलिस अधीक्षक (SP) शियाज के.एम. के निर्देशन, एएसपी सर्वप्रिय सिंह और सीएसपी उमेश प्रजापति के मार्गदर्शन में बैढ़न थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक सिंह परिहार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी लोकेशन के आधार पर दबिश देकर आरोपी अमित तिवारी को दबोच लिया।

पवन सिंह और अरविंद द्विवेदी सहित बैढ़न पुलिस की स्पेशल विंग का रहा सराहनीय विधिक योगदान

प्रशासनिक मुस्तैदी और साइबर इन्वेस्टिगेशन की कड़ियाँ —
“आरोपी के पास से वीडियो एडिटिंग और फर्जी कंटेंट क्रिएशन में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल फोन, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक विलेख कड़ाई से सील कर दिए गए हैं, जिन्हें फोरेंसिक विधिक जांच के लिए भेजा जा रहा है.
इस त्वरित विधिक कार्रवाई को अंजाम देने में उपनिरीक्षक शिवम सिंह, शीतला यादव, पवन सिंह, सहायक उपनिरीक्षक पप्पू सिंह, अरविंद द्विवेदी, प्रधान आरक्षक अजीत सिंह, आरक्षक गौतम कुमार एवं संदीप डोडवे का महत्वपूर्ण विधिक योगदान रहा. एसपी शियाज के.एम. ने साफ चेतावनी दी है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर माननीय न्यायालयों या संवैधानिक संस्थाओं पर भ्रामक और अभद्र कंटेंट पोस्ट करने वालों को किसी भी विधिक परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।”


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